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नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं नगरवासी

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फतेहपुरचैरासी,उन्नाव : गली-मुहल्लों में पड़े गंदगी के ढेर व बंद पड़े गंदे पानी की निकासी से फतेहपुर चैरासी नगर पंचायत के विकास व सफाई व्यवस्था की अब पोल खुलने लगी है नगर पंचायत की न ही नालियां दुरुस्त न ही सामुदायिक शौचालय,सामुदायिक शौचालयों में तो ताला लगाकर स्थिति बरकरार रखी जाती है,नगर पंचायत फतेहपुर चैरासी के मोहल्ला गांधीनगर के ग्रामीण नाम न छापने की शर्त पर बताते हैं। कि पूर्ण कोरोना काल भर नालियां गंदे पानी व कचरे से बजबजाती रहीं ग्रामीणों द्वारा बताई गई दुर्दशा को ये तस्वीरे हकीकत में बदलने के लिए काफी हैं दरअसल नगर पंचायत में  जो भी सफाई कर्मचारी तैनात हैं। वह कभी सफाई नहीं करते बल्कि दिहाड़ी मजदूरों को लाकर नगर पंचायत में यदा-कदा सफाई करा दी जाती है। जिससे नगर पंचायत के कई मोहल्लों में गन्दगीयुक्त नालियां संक्रामक रोगों को दावत देती रहती हैं।

नगर पंचायत अध्यक्ष को मिल चुका है राष्ट्रपति पुरुस्कार

स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 में भारत स्तर पर उत्तरी जोन में जनपद के फतेहपुर 84 नगर पंचायत को सातवां स्थान मिला है दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्वारा अधिशासी अधिकारी व नगर पंचायत अध्यक्ष को सम्मानित किया गया था इस संबंध में जिलाधिकारी देवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि जनपद के नगर पंचायत फतेहपुर चैरासी को स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण -2019 में भारत स्तर पर उत्तरी जोन में सातवां स्थान प्राप्त होने पर नगर अध्यक्ष अनिल अवस्थी व संतोष चतुर्वेदी अधिशासी अधिकारी को विज्ञान भवन,नई दिल्ली में महामहिम राष्ट्रपति द्वारा विगत 06 मार्च को सम्मानित किया गया था।

राष्ट्रपति पुरुस्कार न मिलने तक नगर पंचायत को रखा गया साफ सुथरा

नगर पंचायत फतेहपुर चैरासी को राष्ट्रपति पुरस्कार ना मिलने तक साफ सफाई से सुसज्जित रखा गया नगर पंचायत अध्यक्ष के राष्ट्रपति पुरस्कार हथियाने के बाद अब नगर पंचायत की स्थिति दुर्दशा में तब्दील हो गई है अब इस नगर पंचायत की हालत बद से बदतर है विदित हो कि नगर पंचायत का मोहल्ला गांधीनगर गंदगी से ढका हुआ है कचरे से भरी नालियां, सड़क पर बिखरा कचरा राष्ट्रपति पुरस्कार सेसम्मानित नगर पंचायत की पोल खोल रहा है।

बीमारी को आमंत्रण दे रही गन्दगी व कचरे से भरी नालियां

वहीं अधिकांश जगह नालियों की सफाई नहीं होने के कारण गंदगी के बीच मच्छर पनप रहे है जिससे बीमारियों का भी खतरा बना हुआ है तमाम दावों के बीच नगर पंचायत सफाई व्यवस्था को दुरुस्त नहीं कर पा रहा है जिसके चलते लोगों की समस्या जस का तस बनी हुई है साथ ही गन्दगी से मोहल्ले के नन्हे मुन्ने बच्चों को भयंकर घातक बीमारियां भी घेर सकती हैं।

क्या बोले जिम्मेदार

इस बाबत जब अधिशासी अधिकारी राजेंद्र दुबे से बात की गई तो उन्होंने बताया कि नगर पंचायत इतनी बड़ी नहीं है मैं अक्सर नगर पंचायत में टहलता रहता हूं शायद मेरी नजर उस ओर नहीं गई हो चलिए आपने बताया है, तो सफाई करा दी जाएगी अधिशासी अधिकारी के इस तरह बयान से यह साफ जाहिर होता है, कि अधिशासी अधिकारी स्वच्छता के प्रति बिल्कुल भी संवेदनशील नहीं है और न ही अधिशासी अधिकारी को कोरोना काल का भय है।

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