
लखनऊ : अल्पसंख्यक महिलाओं में नेतृत्व विकास की क्षमता के उद्देश्य से अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रायोजित एवं नेशनल इंटीग्रेशन एंड एजुकेशनल सोसाइटी द्वारा आयोजित नई रोशनी योजना के अंतर्गत छह दिवसीय कार्यशाला के पांचवे चरण का समापन आज अमीनाबाद स्थित रेडियंस इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर अप्लीकेशन में किया गया। यह संस्थान डॉ बीएन वर्मा रोड पर अमीनाबाद में स्थित है।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में नागरिक सुरक्षा संगठन के डिप्टी डिविजनल वार्डेन एवं राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित जमशेद रहमान ने महिलाओं में शैक्षिक सशक्तिकरण का महत्व बताते हुए कहा कि सशक्त नारी से ही सशक्त समाज बनता है। उन्होने सशक्त नारी से ही बनेगा सशक्त समाज का नारा देते हुए कहा कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं है बल्कि वास्तविकता तो यह है कि यदि महिलाओं को पूरी स्वतंत्रता, सुरक्षा और सुविधाएं मुहैया कराई जाए तो वह किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से बेहतर भूमिका निभा सकती हैं।

लक्ष्मी सहगल से लेकर वर्तमान दौर की सुनीता विलियम्स ने यह साबित कर दिया है कि यदि उन्हें अवसर मिले तो वह हर उस चुनौती को स्वीकार कर सकती हैं जिस पर पुरुष अपना एकाधिकार समझता है विशिष्ट अतिथि के रूप में दूरसंचार विभाग से सेवानिवृत्त हुए फ इनेंसियल एडवाइजर मुशीर हसन रिजवी ने कहा कि आज उनको बहुत खुशी हो रही है

कि नई रोशनी कार्यक्रम के भागीदार बनें। उन्होने कहा कि अल्पसंख्यक महिलाओं को समाज में उनके प्रति व्याप्त मिथकों को तोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक महिलाओं में कुछ कर दिखाने का जोश पहले कभी नहीं देखा गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि सरकार द्वारा चलाई जा रही नई रोशनी योजना से निश्चित ही प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी अल्पसंख्यक महिलाओं को एक नई दिशा मिलेगी और वह समाज में अपना स्थान पाने में कामयाब होंगी।

रेडियंस इस्टीट्यूट की डायरेक्टर इफ्फत रिज़वी ने सभी प्रति भागियों की हौसला अफजाई की। कायक्रम की संयोजक साध्वी गुप्ता, आऊफरीन रहमान, और आफरीन फातिमा ने भी प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में जमानुल हसन और प्रेस छायाकार सज्जाद बाकर ने भी योग दान दिया संस्था के कोषाध्यक्ष नज़र मेहंदी ने बताया की इस कार्यशाला में 25 अल्पसंख्यक महिलाओं को सूचना का अधिकार, डिजिटल इंडिया, स्वच्छता, शैक्षिक सशक्तिकरण, सामाजिक व व्यावहारिक परिवर्तन, महिलाओं के कानूनी अधिकार एवं कोरोना वायरस से बचाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विद्वानों द्वारा जानकारी दी गई।

इसके साथ ही भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से भी अवगत कराया गया जिससे वे अनभिज्ञ थी। नज़र मेहदी ने कहा कि आगे भी वह सभी प्रतिभागियों को सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से व्हाट्सएप के माध्यम से अवगत कराते रहेंगे। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागी सभी महिलाओं को प्रमाण पत्र दिए गए एवं रू 600 की प्रोत्साहन राशि भी उनके खाते में सीधे दी जाएगी।