
कानपुर : शहर में कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद पुलिस लाइन में बनी अस्थायी एसीपी कोर्ट में कार्यवाही शुरू हुई। हालांकि पूरी व्यवस्था लागू होने में अभी कुछ समय लगेगा। ट्रेनिंग के बाद एसीपी या उनके स्तर के ऊपर के अधिकारियों के कार्यालय में ही कोर्ट बनेगी,जहां पुलिस अधिकारी अपने मजिस्ट्रेटी अधिकार का प्रयोग करेंगे।
कमिश्नरेट प्रणाली में पुलिस को शांतिभंग की आशंका में चालान का अधिकार मिल जाता है,जबकि पूर्व की व्यवस्था में पुलिस आरोपित को गिरफ्तार करती थी और मजिस्ट्रेट के सामने पेश करती थी। आरोपित को जेल भेजना है या जमानत पर रिहा करना है,यह अधिकार मजिस्ट्रेट के पास होता था। इसी तरह पाबंद भी पुलिस ही करती थी, लेकिन रिपोर्ट मजिस्ट्रेट के यहां भेजी जाती थी और वहीं से पाबंदी का आदेश जारी होता था।
कानपुर में कमिश्नरेट प्रणाली लागू हुए अभी कुछ दिन ही हुए हैं। अधिकारियों व कर्मचारियों को इन प्रक्रियाओं की विधिक जानकारी नहीं है। अपर पुलिस उपायुक्त बसंत लाल, सहायक पुलिस आयुक्त आलोक कुमार और चार मुख्य आरक्षियों को ट्रेनिंग के लिए लखनऊ भेजा गया था। यह छह सदस्यीय टीम ट्रेनिंग लेकर लौट आई है। इसके बाद पुलिस लाइन में बुधवार से एसीपी की अस्थायी कोर्ट शुरू हो गई। जानकारी के मुताबिक़ सहायक पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने मामलों की सुनवाई की। वहीं शांति भंग की आशंका में गिरफ्तार किए गए आरोपितों को अस्थायी कोर्ट में प्रस्तुत किया गया।