
निषाद जाति में उनकी अच्छी पैठ है
2022 में खत्म हों रहा राज्यसभा सांसद का कार्यकाल
फतेहपुर : 2022 के होने वाले चुनाव में समाजवादी पार्टी पूरे दमखम के साथ फतेहपुर जनपद में अपना प्रदर्शन करने को लेकर ठोस रणनीति बनाई है।खोए जनाधार को पाने के लिए किसी दिग्गज नेता को यहां चुनाव मैदान में उतारने का मन बना चुकी है। सूत्रों की माने तो पार्टी फतेहपुर की एक विधानसभा सीट में राज्य सभा सदस्य विशंभर निषाद को चुनाव मैदान में उतार कर सपा के पक्ष में माहौल बनाएगी।फतेहपुर जनपद में इन दिनों भारतीय जनता पार्टी का बोल बाला है। यहां की सभी 6 विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। जबकि लोकसभा सीट भी भाजपा ने हथिया रखी है। समाजवादी पार्टी अपनी रणनीति के तहत राज्यसभा सदस्य विशंभर प्रसाद निषाद को विधानसभा चुनाव लड़ा कर बाजी पलटना चाह रही है। विशंभर निषाद यहां से लोकसभा का चुनाव जीत चुके हैं। बहुजन समाज पार्टी का उम्मीदवार बनकर वह लोकसभा की दहलीज पार करने में कामयाब हुए थे।
निषाद पड़ोसी जनपद बांदा के रहने वाले हैं। उनका आना जाना भी फतेहपुर जनपद में अधिक रहता है। पिछड़ों के अच्छे खासे नेता माने जाते हैं। खासकर निषाद जाति में उनकी अच्छी घुसपैठ है। सपा इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखकर विशंभर प्रसाद निषाद को चुनाव मैदान में उतार कर भाजपा द्वारा बनाई गई किलेबंदी में सेंध लगाना चाह रही है।विशंभर प्रसाद निषाद का यहां के लोगों के साथ अच्छे रिश्ते हैं। और वह व्यक्तिगत रूप से लोगों को जानते भी हैं। सपा के दिग्गज नेताओं के इशारे के बाद उन्होंने यहां एक मकान भी किराए में ले लिया है। किराए में लिए गए मकान के बाद इस बात के संकेत मिलने लगे हैं कि सपा 2022 का चुनाव फतेहपुर में विशंभर प्रसाद निषाद के बलबूते लड़ेगी। कुछ भी हो यहां भाजपा और सपा में विधानसभा चुनाव कांटे का होता आ रहा है। लेकिन इस बार होने वाले विधानसभा चुनाव में सपा कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती। हर हाल में फतेहपुर जनपद में साइकिल की रफ्तार बढ़ाना चाह रही है।सवाल हमेशा राजनैतिक दलों के आकाओं से पूछे जाते हैं और पूछे जाते रहेंगे कि जब चुनाव आता है तो फिर मतदाताओं के बीच जाति और धर्म की दुहाई क्यों दी जाती है क्या चुनाव जीतने का एक मात्र यही हथकंडा है।