
उरई (जालौन) कालपी जालौन सरकार शिक्षा को लेकर बड़े बड़े दाबे करती व बच्चों के भविष्य की बात करती है अब आपको बताते चले की कालपी नगर के सरकारी स्कुलो मे बच्चों का भविष्य अंधकार की और है । सूत्रों से मिली जानकारी की बच्चों को ना ही किताबे दी जाती और ना ही ड्रेसे दी जाती और ना ही बच्चों को शिक्षा दी जाती है बच्चों से मीडिया ने पूछा की बेटा क्या क्या सुविधा है आपके स्कूल मे तो बच्चों ने तो पूरी पोल ही खोल दी स्कूल की। बच्चों ने बताया की ना ही हमे सही से पढ़ाया जाता है और ना ही हमे किताबे दी गई और ना ही टाइम से मास्टर साहब आते हैं जब मास्टर साहब ही टाईम से नही आयेंगे तो हम क्या सीखेंगे बच्चों से खाने के बारे में पूछा तो बच्चों ने बताया की खाना भी हमको सही व टाइम से नही मिलता है बच्चों ने बताया की कभी कभी पूरा दिन हो जाता हैं मास्टर साहब ही नही आते हैं और काम वाली बाई ही हमको खिलती और पढ़ाती है सूत्रों से मिली जानकारी की स्कुलो मे होते है 20 बच्चे और मिड डे मील रजिस्टर में लिखे जाते हैं 30 बच्चे खाने मे अगर तहरी बनती है तो रजिस्टर में लिखा जाता है खीर बनाई गई है। अब आप ही बताइए बच्चों का भविष्य किस और है एक बात और बता दू आपको की एक मास्टर तीन – तीन स्कुलो की जिम्मेदारी लिए हुए जब एक स्कूल के यह हाल है तो वाकी स्कुलो का क्या हाल होगा बच्चों के माता- पिता बड़े ही विश्वास के साथ में स्कूल पहुंचाते हैं अपने बच्चों को और सोचते है की हमारे बच्चे पढ़ लिख कर अपने माता पिता का नाम ऊंचा करेंगे लेकिन इधर मास्टर साहब बच्चों को शिक्षा देने की बजाय अपनी जेब भर रहे हैं । देखना यह है कि ऐसे मास्टर साहबो के ऊपर सरकार व जिले के अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं।