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महायोजना 2031 के प्रारूप को बहराइच उद्योग व्यापार मंडल ने किया खारिज

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बहराइच। अमृत योजना के अन्तर्गत तैयार जीआईएस आधारित बहराइच महायोजना 2031 के प्रारूप को बहराइच उद्योग व्यापार मंडल ने 80 से 90 प्रतिशत त्रुटिपूर्ण व भ्रामक तथ्यों के आधार पर बना बताते हुए इसे निरस्त करने, तैयारकर्ता फर्म को ब्लैकलिस्ट करने व इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। व्यापार मंडल पदाधिकारियों के अनुसार इस संबंध में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, क्षेत्रीय सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधियों व जिला प्रशासन को शीघ्र ज्ञापन दिए जाएंगे।
उद्योग व्यापार मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बृजमोहन मातनहेलिया (प्रभारी अध्यक्ष) ने बताया कि व्यापार मंडल के वरिष्ठ पदाधिकारीगण बीते सोमवार से जिला प्रशासन व लखनऊ से आए नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठकें कर रहे हैं। व्यापार मंडल ने बीते दो दिनों से नगर मजिस्ट्रेट ज्योति राय, सीओ सिटी जंग बहादुर यादव व नियोजन विभाग के अभियंता नीलेश कटियार आदि अधिकारियों के साथ शहर के बाजार मार्गों की वास्तविक भौतिक नाप कराई है। सड़क की भौतिक माप व बैठकों में व्यापार मंडल महामंत्री दीपक सोनी “दाऊजी”, उपाध्यक्ष मनीष मल्होत्रा, ट्रेड व रोड यूनियन पदाधिकारीगण मोहम्मद सईद, सरदार दीपक सिंह, अल्ताफ मेकरानी, पप्पू इलेक्ट्रिक, घनश्याम नेता व कन्हैया सोनी आदि तमाम लोग मौजूद रहे।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने कहा कि वास्तविक भौतिक माप के फलस्वरूप जो तथ्य सामने आए उनके मुताबिक महायोजना की जारी हुई प्रारूप पुस्तिका में मार्गों की वर्तमान समय की (एक्जिस्टिंग) अंकित चौड़ाई तथा वास्तविक चौड़ाई में भारी अंतर था। जिससे यह प्रतीत होता है कि महायोजना की आधारशिला ही त्रुटिपूर्ण भ्रामक तथ्यों के आधार पर रखी गई है।
मातनहेलिया ने बताया कि जिस कथित अमेरिकन सेटेलाइट जीआईएस (geographic information system) के सर्वे पर आधारित महायोजना का प्रारूप दिखाया जा रहा है वह तो एक एक सेंटीमीटर की सटीक नाप देता है। ऐसे में शहर के बाजारों की त्रुटिपूर्ण नाप होना रिपोर्ट बनाने में बड़ी लापरवाही का संकेत दे रहा है।महामंत्री दीपक सोनी दाऊजी ने कहा कि तथाकथित अमृत योजना बहराइच शहर के व्यापारियों के लिए विष से भरी साबित हो रही है। अगर प्रस्तावित प्रारूप पर काम हुआ तो अकेले चौक बाजार में सौ से अधिक दुकानदार सड़क पर आ जाएंगे।उपाध्यक्ष मनीष मल्होत्रा ने कहा कि बहराइच को पहले बाईपास व पार्किंगों की जरूरत है। शहरीकरण का यह मतलब नहीं है कि लोगों को बर्बाद करके शहर का सुंदरीकरण हो। शहर के बाहरी हिस्सों में नयी विकास की योजनाएं लाकर शहर का कायाकल्प करने की जरूरत है, ना कि मौजूदा छोटे छोटे व्यापारियों को बेरोजगार बनाकर व्यापार मंडल ने मांग की है कि योजना का प्रस्तावित प्रारूप तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए, नया प्रारूप बनाने हेतु जनसामान्य को विश्वास में लिया जाए तथा व्यापार मंडल व अन्य जिम्मेदार लोगों से भी राय ली जाए।उद्योग व्यापार मंडल ने जिलाधिकारी दिनेश चंद्र सिंह से आग्रह किया है कि त्यौहारों के इस माहौल में असमय आम व्यापारी को इस तरह की उलझनों में न डालकर उनकी समस्याओं की सुनवाई दीवाली के बाद की जाए।
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