
सरोजनीनगर में तेल चोरी और केमिकल मिलावट का बड़ा खुलासा, संगठित गिरोह के पांच सदस्य गिरफ्तार
लखनऊ: लखनऊ के सरोजनीनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने तेल चोरी और मिलावट के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह एचपीसीएल (हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) डिपो से निकलने वाले टैंकरों से डीजल और पेट्रोल की चोरी कर उसमें केमिकल मिलाकर उसे खुले बाजार में बेच रहा था। पुलिस की संयुक्त टीम ने इस गिरोह के पांच सक्रिय सदस्यों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।पुलिस उपायुक्त दक्षिणी के निर्देशन में सरोजनीनगर थाना और सर्विलांस सेल की टीम को सूचना मिली थी कि पिछले काफी समय से ऑयल डिपो से बाहर निकलने वाले टैंकरों से चोरी की जा रही है। इस सूचना के आधार पर गठित पुलिस टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचनाओं का संकलन कर 4 मई को टीएस मिश्रा विश्वविद्यालय के पास जंगल में छापा मारा। मौके पर तेल चोरी करते हुए पांच अभियुक्त पकड़े गए। यह लोग टैंकर संख्या CG-10 BS-7183 से मोटरयुक्त फिलर मशीन और पाइप की सहायता से पेट्रोल निकाल रहे थे। इसके बाद टैंकर में बराबर मात्रा में केमिकल भर दिया जाता था ताकि मालिक को किसी तरह की शंका न हो।गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में अजय यादव, ओमप्रकाश यादव, मिराजुद्दीन, जगदीप प्रजापति और अरुण कुमार शामिल हैं। ये सभी सरोजनीनगर और आसपास के क्षेत्र के निवासी हैं। इनके कब्जे से एक 20 हजार लीटर क्षमता वाला टैंकर, एक स्कॉर्पियो, एक पिकअप वाहन, एक सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, कुल 7400 लीटर केमिकल से भरे 38 ड्रम, 50 लीटर पेट्रोल से भरा ड्रम, चार प्लास्टिक पाइप, एक मोटरयुक्त फिलर मशीन, एक जनरेटर और एक टीन की कीप बरामद की गई।पुलिस की पूछताछ में अभियुक्तों ने खुलासा किया कि यह गिरोह लंबे समय से एचपीसीएल के ड्राइवरों की मिलीभगत से टैंकरों से डीजल और पेट्रोल निकालकर उसकी जगह केमिकल भर देता था। यह केमिकल उन्नाव की ओर से खरीदा जाता था और नादरगंज स्थित गोदाम में पहले से स्टोर कर लिया जाता था। चोरी किया गया डीजल और पेट्रोल ग्रामीण इलाकों जैसे काकोरी, मोहम्मदा, चकौली, बेहटा और समदा में बाजार दर से लगभग 10 रुपये प्रति लीटर सस्ता बेच दिया जाता था।मुख्य आरोपी अजय यादव के बेहटा स्थित गोदाम से पहले से स्टोर किए गए 27 ड्रम मिश्रित डीजल/केमिकल भी बरामद किए गए हैं। पुलिस को दो अन्य फरार साथियों की भी तलाश है, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ थाना सरोजनीनगर में बीएनएस की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है, जिसमें 305ग, 317(2), 318(4), 316(5), 61(2) तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 शामिल हैं।गिरफ्तार अभियुक्तों का पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। अजय यादव और ओमप्रकाश यादव पहले भी सरोजनीनगर थाने में दर्ज मुकदमों में आरोपी रह चुके हैं। मिराजुद्दीन, जो पेशे से ड्राइवर है, और जगदीप प्रजापति, जो प्लंबर का काम करता है, तथा अरुण कुमार, जो दिहाड़ी मजदूरी करता है, सभी इस गिरोह का हिस्सा थे और मिलकर योजनाबद्ध तरीके से इस अपराध को अंजाम दे रहे थे।यह कार्रवाई लखनऊ पुलिस की उस मुहिम का हिस्सा है, जिसके तहत आवश्यक वस्तुओं में मिलावट, कालाबाजारी और संगठित अपराध पर शिकंजा कसने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस टीम अब फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
