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उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक में वेतन अब ऋण वसूली पर निर्भर, कांग्रेस ने जताया विरोध

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के कर्मचारियों के वेतन को अब ऋण वसूली के आधार से जोड़े जाने के निर्णय पर विवाद गहरा गया है। बैंक की प्रबंध समिति की 13 मई 2025 को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कर्मचारियों को न्यूनतम 50 प्रतिशत वेतन दिया जाएगा और बाकी वेतन उनके ऋण वसूली लक्ष्य की प्राप्ति पर निर्भर करेगा। इस व्यवस्था के अनुसार यदि कोई कर्मचारी वसूली लक्ष्य का 50 प्रतिशत हासिल करता है तो उसे 60 प्रतिशत वेतन, 60 प्रतिशत पर 70 प्रतिशत वेतन और इसी अनुपात में वेतन दिया जाएगा। 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने वाले कर्मचारी को वेतन के साथ 10 प्रतिशत बोनस भी दिया जाएगा।उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सहकारिता प्रकोष्ठ के चेयरमैन एडवोकेट कृपा शंकर मिश्रा ने इस निर्णय को कर्मचारी हितों के विरुद्ध बताते हुए तीव्र विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था कर्मचारियों को विवश करेगी कि वे वेतन पाने के लिए किसानों के विरुद्ध उत्पीड़नकारी कार्यवाहियों में संलग्न हों। मिश्रा ने बताया कि पूर्व में बैंक के प्रबंध निदेशक द्वारा सैकड़ों कर्मचारियों का वेतन अवरुद्ध कर दिया गया था, जिसके विरुद्ध उन्होंने उच्च न्यायालय में छह याचिकाएं दाखिल की थीं। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में मार्च 2025 तक करीब 250 कर्मचारियों को रुका हुआ वेतन मिला, परंतु 20 मार्च के बाद से प्रबंध निदेशक शशि रंजन राव द्वारा आदेश की अवहेलना की जा रही है।मिश्रा ने कहा कि इस मामले में अब अवमानना याचिका दाखिल की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि इसी प्रकार मार्च में भी जब अदालत में अवमानना याचिका दाखिल की गई थी, तब जाकर बैंक प्रशासन वेतन देने को मजबूर हुआ था।इस बीच, सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव बाबूराम सिंह ने बस्ती जनपद में हुए करोड़ों रुपये के धान घोटाले की न्यायिक जांच की मांग को लेकर 13 मई को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन बस्ती के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र पाण्डेय के नेतृत्व में दिया गया।एडवोकेट कृपा शंकर मिश्रा ने स्पष्ट किया कि सहकारी बैंक कर्मचारियों के वेतन संकट और बस्ती में हुए घोटाले जैसे मुद्दों को लेकर प्रदेश भर में कांग्रेस का सहकारिता प्रकोष्ठ व्यापक विरोध प्रदर्शन और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने की कार्यवाही करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हक की लड़ाई में कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी और सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध हर मंच पर आवाज बुलंद की जाएगी।

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