
नगर निगम का अतिक्रमण विरोधी अभियान तेज, कई जोनों में कार्रवाई, जुर्माना और सामान जब्त
लखनऊ: शहर में लगातार मिल रही शिकायतों और सड़क, फुटपाथों पर बढ़ते अतिक्रमण को देखते हुए लखनऊ नगर निगम ने सोमवार को व्यापक स्तर पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया। महापौर सुषमा खर्कवाल के निर्देश और नगर आयुक्त गौरव कुमार के आदेश पर एक साथ कई जोनों में नगर निगम की टीमों ने मोर्चा संभाला। ज़ोनल अधिकारियों के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में अवैध कब्जों को हटाया गया, जुर्माना लगाया गया और कई स्थानों से सामान जब्त कर अतिक्रमणकारियों को सख्त चेतावनी दी गई।जोन-3 में जोनल अधिकारी अमरजीत यादव के नेतृत्व में टेढ़ी पुलिया से गुडंबा थाने तक अतिक्रमण हटाया गया। इस अभियान में दो ट्रक सामान जब्त किया गया और अतिक्रमण करने वालों पर ₹14,000 का जुर्माना भी लगाया गया। अभियान में नगर निगम का प्रवर्तन दल और स्थानीय पुलिस बल भी शामिल रहा।
जोन-5 में जोनल अधिकारी नंदकिशोर, कर अधीक्षक आलोक कुमार श्रीवास्तव और राजस्व निरीक्षक राजू कुमार की टीम ने चंदर नगर भूमिगत पार्किंग से आलमबाग मेट्रो स्टेशन तक के क्षेत्र में कार्रवाई की। यहां अस्थायी रूप से लगे 05 काउंटर, 04 लोहे की मेज और 08 ठेले हटाए गए। अतिक्रमणकारियों को दोबारा कब्जा न करने की सख्त चेतावनी दी गई।जोन-6 में बुद्धेश्वर मंदिर और चौराहे के आस-पास सावन माह में लगने वाली अस्थायी दुकानों और ठेलों के खिलाफ कार्रवाई की गई। जोनल अधिकारी मनोज यादव, कर अधीक्षक विजय शंकर और राजस्व निरीक्षक आशीष कुशवाहा के निर्देशन में नगर निगम की टीम ने 20 ठेले और 15 अस्थायी दुकानें हटवाईं। साथ ही स्थानीय पुलिस को पत्र भेजकर क्षेत्र में पुनः अतिक्रमण न होने की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।जोन-8 में शारदा नगर प्रथम वार्ड, डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय और पावर हाउस से लेकर शहीद पथ तक के इलाकों में आईजीआरएस पोर्टल पर मिल रही शिकायतों के आधार पर वृहद अभियान चलाया गया। इस दौरान कई स्थानों से अतिक्रमण हटाया गया, हालांकि कुछ दुकानदारों ने विरोध करते हुए शासकीय कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया। स्थिति को नियंत्रित कर पुलिस और प्रशासन ने विधिक कार्रवाई करते हुए संबंधित थाने में तहरीर दी है।नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। महापौर और नगर आयुक्त ने सभी जोनों में नियमित निरीक्षण कर अवैध कब्जों को हटाने के निर्देश दिए हैं, ताकि आम नागरिकों को सुगम और सुरक्षित सार्वजनिक स्थान मिल सकें।
