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हर जिले में गठित हों दुग्ध समितियां, ‘पराग’ उत्पादों की गुणवत्ता व ब्रांडिंग पर भी विशेष जोर : धर्मपाल सिंह

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हर जिले में गठित हों दुग्ध समितियां, ‘पराग’ उत्पादों की गुणवत्ता व ब्रांडिंग पर भी विशेष जोर : धर्मपाल सिंह

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने प्रदेश में दुग्ध समितियों के गठन और संचालन को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हर जिले में दुग्ध समितियों की संख्या निरंतर बढ़ाई जाए और उन्हें सशक्त बनाकर किसानों व पशुपालकों को लाभान्वित किया जाए। मंत्री ने कहा कि दुग्ध समितियों को सशक्त बनाने के लिए मैनपावर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, साथ ही डीपीएमसीयू (डिजिटल प्रोक्योरमेंट एंड मॉनिटरिंग कलेक्शन यूनिट) की स्थापना पर भी तेजी से काम हो।विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान धर्मपाल सिंह ने कहा कि पराग ब्रांड के दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि पराग उत्पादों की पैकेजिंग और ब्रांडिंग बेहतर की जाए और इसके लिए विशेषज्ञों की सेवाएं ली जाएं। साथ ही उपभोक्ताओं को पराग के उत्पाद सहजता से उपलब्ध हों, इसके लिए वितरण व्यवस्था को और सशक्त किया जाए।धर्मपाल सिंह ने दुग्ध समितियों के भ्रमण और अनुश्रवण को लगातार करते रहने का निर्देश दिया, ताकि समस्याओं और कमियों की समय रहते पहचान कर सुधार सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि दुग्ध मूल्य का भुगतान समयबद्ध हो, ताकि किसानों और पशुपालकों को समय पर उनकी मेहनत का लाभ मिल सके। उन्होंने दुग्ध उत्पादकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी बल दिया ताकि वे आधुनिक तकनीकों से अवगत हो सकें और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो।बैठक में जानकारी दी गई कि जून 2025 में औसत दुग्ध उपार्जन प्रतिदिन 3.57 लाख किलोग्राम प्रति दिन (एलकेजीपीडी) रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 40 प्रतिशत अधिक है। औसत तरल दुग्ध विक्रय 1.95 लाख लीटर प्रति दिन (एलएलपीडी) दर्ज किया गया। 27 अगस्त 2024 से 10 जुलाई 2025 तक 4503 कार्यरत और 1903 अकार्यरत समितियों का निरीक्षण किया गया। वर्तमान में कुल 19046 समितियां पंजीकृत हैं जिनमें 7857 समितियां कार्यरत हैं।बैठक में दुग्ध विकास विभाग के प्रमुख सचिव अमित कुमार घोष ने आश्वस्त किया कि मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मैनपावर, डीपीएमसीयू की स्थापना, पराग की पैकेजिंग व मार्केटिंग को लेकर एक ठोस कार्य योजना बनाई जा रही है। किसानों को ससमय भुगतान सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।बैठक में पीसीडीएफ के प्रबंध निदेशक वैभव श्रीवास्तव, दुग्ध आयुक्त राकेश कुमार मिश्र, पीसीडीएफ एवं शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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