
ड्रोन तकनीक से मनरेगा कार्यों की निगरानी का अभियान तेज, अलीगढ़ की 20 ग्राम पंचायतों में होगा निरीक्षण
ड्रोन तकनीक से मनरेगा कार्यों की निगरानी का अभियान तेज, अलीगढ़ की 20 ग्राम पंचायतों में होगा निरीक्षण
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) योजनांतर्गत किए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अब ड्रोन तकनीक के माध्यम से निगरानी और निरीक्षण का कार्य तेज़ी से जारी है। ग्राम्य विकास विभाग के अधीन यह तकनीकी पहल उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में लगातार मजबूत की जा रही है।वर्तमान सरकार द्वारा विकास कार्यों की निगरानी में तकनीकी के इस्तेमाल पर विशेष बल दिया जा रहा है। इसी क्रम में राज्य स्तर से तैनात ड्रोन निगरानी टीमों द्वारा अब तक प्रदेश की छह हजार से अधिक कार्यस्थलों की वीडियोग्राफी/फोटोग्राफी की जा चुकी है। अब यह टीम 15 जुलाई से जनपद अलीगढ़ का दौरा कर 2024-25 में मनरेगा के अंतर्गत कराए गए कार्यों का गहन निरीक्षण करेगी।आयुक्त ग्राम्य विकास जी.एस. प्रियदर्शी ने निर्देश जारी किए हैं कि अलीगढ़ जनपद की 20 चयनित ग्राम पंचायतों में किए गए मनरेगा कार्यों की ड्रोन के माध्यम से वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कर रिपोर्ट तैयार की जाए। इसके लिए जनपद अलीगढ़ के मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे ड्रोन टीम को हर स्तर पर सहयोग उपलब्ध कराएं और अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी सुनिश्चित करें।इस ड्रोन निगरानी प्रणाली का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मनरेगा योजना के तहत कराए जा रहे कार्य न केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप हों, बल्कि उन पर नियमित तकनीकी नजर भी बनी रहे। इस व्यवस्था के अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की पारदर्शिता को बढ़ावा देने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी।राज्य सरकार की इस पहल से न सिर्फ योजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित हो रही है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी जागरूकता भी बढ़ रही है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशन में ग्राम्य विकास विभाग ग्रामोन्मुखी योजनाओं के क्रियान्वयन में निरंतर नवाचार कर रहा है और मनरेगा जैसी रोजगारपरक योजनाओं की निगरानी को अत्याधुनिक तकनीकों से जोड़कर जनहित में नया मानक स्थापित कर रहा है।
