
संपत्ति विभाग की समीक्षा बैठक में महापौर सुषमा खर्कवाल सख्त, भूमि विवादों और लापरवाही पर जताई नाराज़गी
संपत्ति विभाग की समीक्षा बैठक में महापौर सुषमा खर्कवाल सख्त, भूमि विवादों और लापरवाही पर जताई नाराज़गी
लखनऊ: लखनऊ नगर निगम की महापौर सुषमा खर्कवाल की अध्यक्षता में गुरुवार को समिति कक्ष में संपत्ति विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर आयुक्त गौरव कुमार, अपर नगर आयुक्त (संपत्ति) नम्रता सिंह, सहायक नगर आयुक्त (संपत्ति) रामेश्वर प्रसाद सहित विभाग के सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार, लेखपाल, कानूनगो और अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
महापौर ने बैठक के दौरान नगर निगम की कुल 212 ग्रामों की भूमि, उनके प्रकार—उसर, बंजर, परती, चारागाह, तालाब आदि—का ग्रामवार विस्तृत विवरण मांगा। उन्होंने रिक्त कराई गई भूमि की वर्तमान स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या ये स्थल अब भी खाली हैं या फिर से अवैध कब्जे हो चुके हैं।महापौर ने संपत्ति विभाग से यह स्पष्ट जानकारी भी मांगी कि अब तक किन-किन स्थलों पर तारबाड़ और सूचना बोर्ड लगाए गए हैं तथा उनके फोटोग्राफ्स भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय, राजस्व परिषद, दीवानी न्यायालय और पीपी एक्ट के अंतर्गत लंबित रिट और मुकदमों की संख्या व वर्तमान स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की गई।बैठक में महापौर ने लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों की कार्य डायरी, जनशिकायतों के निस्तारण की स्थिति, तथा मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक और समाधान दिवस में प्राप्त जन शिकायतों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।उन्होंने तालाबों, चारागाहों की सुरक्षा, मनोरथ गौशाला विवाद और भू-माफिया से साठगांठ के संभावित मामलों को लेकर विभागीय अधिकारियों को कठघरे में खड़ा किया और पूछा कि इन जमीनों की रक्षा के लिए अब तक क्या प्रभावी कदम उठाए गए हैं।महापौर ने यह भी दोहराया कि पूर्व में नगर निगम द्वारा एनओसी जारी कर करोड़ों रुपये की आय होती थी, लेकिन संपत्ति विभाग की निष्क्रियता के चलते अब यह अधिकार लखनऊ विकास प्राधिकरण को हस्तांतरित हो गया है, जिससे नगर निगम को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने इस मुद्दे पर तत्काल ठोस कार्यवाही के निर्देश दिए।बैठक के अंत में महापौर सुषमा खर्कवाल ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि भविष्य में विभागीय लापरवाही, भ्रष्टाचार या भू-माफियाओं से सांठगांठ की शिकायतें सामने आईं तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
