
चुनाव आयोग पर अखिलेश यादव का तीखा हमला, फास्टेस्ट कोर्ट से जांच की मांग
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कड़ा आरोप लगाते हुए उपचुनावों में वोट कटौती और धोखाधड़ी की घटनाओं को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग को 18 हजार वोट कटने के संदर्भ में शपथ पत्र दिया था और उपचुनावों में हुई वोटों की लूट की भी जानकारी दी गई थी। अब चुनाव आयोग को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि इस मामले में क्या कार्रवाई की गई है और दोषी अधिकारियों को निलंबित किया जाए।अखिलेश यादव ने चुनाव संबंधी मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट नहीं बल्कि फास्टेस्ट कोर्ट की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए कहा कि समयबद्ध और सख्त कार्रवाई ही लोकतंत्र की रक्षा कर सकती है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कराना चाहती।उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पर यह पहली बार नहीं है कि उंगली उठ रही है, पहले भी कई बार इसकी आलोचना हो चुकी है। उत्तर प्रदेश के विधानसभा उपचुनाव में भी भाजपा सरकार ने अधिकारियों के सहारे वोट की लूट की है। कुंदरकी, फैजाबाद और मीरापुर के विधानसभा उपचुनाव में खुलेआम धांधली हुई थी, जिसके प्रमाण मौजूद हैं।अखिलेश यादव ने कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पर भी आरोपों की जांच कराने का आग्रह किया और कहा कि जो अधिकारी वोट चोरी में शामिल हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।उन्होंने भाजपा के एसआईआर (सर्विलांस इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया) के विरोध को संविधान के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह भाजपा की हार का संकेत है। भाजपा जनता से वोट देने का अधिकार छीनने की कोशिश कर रही है ताकि जनता उसके खिलाफ वोट न डाल सके।अखिलेश यादव की ये टिप्पणियां आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक मुद्दों और चुनाव प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर केंद्रित हैं। उन्होंने लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने की अपील की।
