
बीबीएयू में उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, युवाओं को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में प्रेरित किया गया
बीबीएयू में उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, युवाओं को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में प्रेरित किया गया
लखनऊ: बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के प्रबंधन अध्ययन विभाग और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, विकास एवं सुविधा कार्यालय, कानपुर, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आज विश्वविद्यालय परिसर में उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीन ऑफ अकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस. विक्टर बाबू ने की। मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के डिप्टी कमिश्नर ऑफ इंडस्ट्रीज मनोज कुमार चौरसिया उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त मंच पर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स के संकायाध्यक्ष प्रो. अमित कुमार सिंह, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. तरूणा, एमएसएमई, कानपुर से असिस्टेंट डायरेक्टर अविनाश कुमार अपूर्व, तथा बैंक ऑफ इंडिया के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर मनीष पाठक भी मौजूद रहे।कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई। विश्वविद्यालय कुलगीत के पश्चात आयोजन समिति द्वारा अतिथियों और शिक्षकों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. तरूणा ने सभी का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्य और रूपरेखा पर प्रकाश डाला।अपने संबोधन में प्रो. एस. विक्टर बाबू ने कहा कि किसी भी कार्य की शुरुआत विचार से होती है, जो आगे चलकर परिवर्तन और प्रगति का आधार बनता है। उन्होंने कहा कि व्यवसाय केवल लाभ कमाने का साधन नहीं, बल्कि साहस, धैर्य और जोखिम उठाने की क्षमता का प्रतीक है। उन्होंने भारतीय इतिहास का उदाहरण देते हुए कहा कि व्यापार भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है और यही कारण है कि भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि व्यवसाय न केवल व्यक्तिगत सफलता का मार्ग है, बल्कि समाज और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देने का अवसर भी प्रदान करता है।मुख्य अतिथि मनोज कुमार चौरसिया ने अपने विचार रखते हुए कहा कि हर नागरिक का दायित्व है कि वह अपनी क्षमता के अनुसार राष्ट्र निर्माण में योगदान दे। उन्होंने MSME क्षेत्र की महत्ता बताते हुए कहा कि ये उद्यम न केवल रोजगार प्रदान कर रहे हैं, बल्कि ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बना रहे हैं। युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने, आत्मनिर्भर बनने और दूसरों को रोजगार देने के लिए प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि उद्यमिता राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को गति देती है।बैंक ऑफ इंडिया के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर मनीष पाठक ने उद्यमिता क्षेत्र में बैंकों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार युवाओं, महिलाओं, अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जाति तथा जनजाति वर्ग के लिए विशेष सुविधाएँ उपलब्ध करा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की विस्तार से जानकारी दी और युवाओं से आह्वान किया कि वे योजनाओं का लाभ उठाकर अपना भविष्य संवारें और राष्ट्र की प्रगति में योगदान करें।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर भी दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता की भावना का विकास करना, उन्हें रोजगार प्रदाता के रूप में तैयार करना तथा सरकारी योजनाओं, MSME क्षेत्र और बैंकों की सुविधाओं से अवगत कराकर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में प्रेरित करना रहा।समापन पर प्रो. अमित कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, गैर शिक्षण कर्मचारी, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। यह आयोजन युवाओं को आत्मनिर्भर बनने और देश के आर्थिक विकास में योगदान देने की प्रेरणा प्रदान करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
