
भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी चरम पर: अखिलेश यादव
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि मौजूदा शासनकाल में भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और कालाबाजारी अपनी चरम सीमा पर है। हर विभाग में लूट का खेल चल रहा है और कोई भी काम बिना कमीशन के नहीं हो रहा। यहां तक कि भाजपा के विधायक स्वयं यह स्वीकार कर रहे हैं कि उन्हें विधायक निधि से दस प्रतिशत कमीशन मिलता है।अखिलेश यादव ने कहा कि जल जीवन मिशन से लेकर सड़कों के निर्माण तक में भ्रष्टाचार खुलकर दिखाई दे रहा है। जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई कई पानी की टंकियां घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार का भार नहीं सह सकीं और ढह गईं। इसी तरह सड़कों के निर्माण में कमीशनखोरी का नतीजा है कि नई बनी सड़कें कुछ ही दिनों में उखड़ गईं। भाजपा सरकार के गड्ढामुक्त अभियान पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि नौ साल का कार्यकाल बीत गया लेकिन सड़कों के गड्ढे जस के तस बने हुए हैं, जबकि हजारों करोड़ रुपये का बजट सिर्फ बंदरबांट में चला गया।पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में कमीशनखोरी के साथ-साथ कालाबाजारी और मुनाफाखोरी भी चरम पर है। किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पाई। पूरे प्रदेश में खाद की किल्लत और कालाबाजारी ने किसानों की कमर तोड़ दी। किसान खाद के लिए लाइन में खड़े रहे, भटकते रहे और कई जगहों पर पुलिस की लाठियां भी झेलनी पड़ीं। नतीजतन उनकी फसलें बर्बाद हो गईं।अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार सुनियोजित तरीके से किसानों को तबाह और बर्बाद कर रही है, ताकि वे खेती छोड़ने को मजबूर होकर मजदूरी करने लगें। यह सरकार किसानों की जमीन और खेती-किसानी हड़पना चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का नौजवान, किसान और बेरोजगार अब भाजपा सरकार की नीतियों और षड्यंत्रों को समझ चुका है। 2027 में जनता भाजपा का सफाया कर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का अंत करेगी।
