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गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत ट्रेनों का भव्य स्वागत, बच्चों की मुस्कान ने बढ़ाई रौनक

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गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत ट्रेनों का भव्य स्वागत, बच्चों की मुस्कान ने बढ़ाई रौनक

लखनऊ: गोमतीनगर रेलवे स्टेशन आज सुबह एक उत्सवस्थल में तब्दील हो गया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना की गई दो अमृत भारत ट्रेनें—गाड़ी संख्या 03435 मालदा टाउन-गोमतीनगर (उद्घाटन विशेष) और गाड़ी संख्या 05561 दरभंगा-गोमतीनगर (उद्घाटन विशेष)—अपने प्रथम आगमन पर स्टेशन पर पहुंचीं।ट्रेनों के स्टेशन पर आते ही करतल ध्वनि, पुष्पवर्षा और स्कूली बच्चों की उल्लासभरी चहचहाहट से वातावरण गूंज उठा। लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर और यात्रियों का स्वागत जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों और रेलवे अधिकारियों ने माल्यार्पण और तालियों की गूंज के साथ किया।
इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने ट्रेनों के आधुनिक डिब्बों का अवलोकन किया और हर कोच में घूम-घूमकर तस्वीरें लीं। “इतनी शानदार ट्रेन हमने पहले कभी नहीं देखी,”—एक छात्रा की यह प्रतिक्रिया ट्रेन की सुविधाओं की सराहना थी। बच्चे डिब्बों में लगी एलईडी लाइट, आरामदायक सीटें, साफ-सुथरे टॉयलेट और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था देखकर बेहद प्रभावित हुए।समारोह में मंडल के जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता ने कहा, “अमृत भारत ट्रेनें आम जन को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई हैं ताकि उन्हें किफायती दर पर प्रीमियम ट्रेनों जैसी सुविधाओं के साथ एक सुरक्षित व आधुनिक यात्रा अनुभव मिल सके। आज की यात्रियों की मुस्कान इस पहल की सफलता का प्रमाण है।”इन दोनों ट्रेनों के संचालन से पूर्वी भारत के मालदा टाउन और दरभंगा जैसे शहर अब सीधे लखनऊ से जुड़ जाएंगे, जिससे न केवल क्षेत्रीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि लोगों को अपने परिजनों से मिलने के लिए एक बेहतर, सुरक्षित और आरामदायक माध्यम भी मिलेगा। यात्रियों ने इन ट्रेनों को ‘विश्वस्तरीय अनुभव’ बताया।इस खास मौके पर उपस्थित विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान ने इसे “भारतीय रेलवे की विकासगाथा में एक नया अध्याय” बताया और कहा कि अमृत भारत ट्रेनों के माध्यम से देश के हर कोने को जोड़ने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम है।टी.डी. गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्राओं ने “आम लोगों की भारतीय रेल” विषय पर बनाईं चित्रकला कृतियाँ प्रदर्शित कीं, जिन्हें दर्शकों ने भरपूर सराहा। विजयी छात्राओं को सहायक परिचालन प्रबंधक प्रजीत कुमार सिंह द्वारा सम्मानित किया गया। उन्होंने सभी उपस्थितजनों का आभार भी व्यक्त किया।यह आयोजन केवल रेलों के स्वागत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक नए भारत के निर्माण में भारतीय रेलवे की अग्रणी भूमिका का संदेश भी था—जहाँ यात्रा केवल गंतव्य तक पहुँचने का माध्यम नहीं, बल्कि गर्व, सुविधा और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुकी है।

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