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संसद में आज संजय सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में तीखी झड़प 

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संसद में आज संजय सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में तीखी झड़प 

INDIA LIVE: संसद में आज एक बार फिर जोरदार हंगामा देखने को मिला। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह पर तीखे राजनीतिक आरोप लगाए। सदन में बोलते हुए संजय सिंह ने सरकार पर निशाना साधा और बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उनके बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। संजय सिंह के बयान का मुख्य मुद्दा सरकार की नीतियां और राज्यों से जुड़े फैसले रहे। इसी दौरान केरल के नाम को लेकर भी संसद में चर्चा ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया।

संजय सिंह ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र की ओर से लगातार ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं, जिनका असर राज्यों और आम लोगों पर पड़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए “चोर” जैसे बेहद तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया। हालांकि, यहां यह साफ करना जरूरी है कि ये संजय सिंह के राजनीतिक आरोप और बयान हैं, कोई न्यायिक रूप से साबित तथ्य नहीं। संसद में इस तरह के आरोपों पर अक्सर सत्ता पक्ष की ओर से आपत्ति जताई जाती है और बयान को रिकॉर्ड से हटाने की मांग भी हो सकती है।सदन में बहस का एक बड़ा मुद्दा केरल के नाम को लेकर भी सामने आया। केरल के आधिकारिक नाम को लेकर समय-समय पर राजनीतिक और संवैधानिक चर्चा होती रही है। केरल विधानसभा पहले भी राज्य का नाम बदलकर “केरलम” करने का प्रस्ताव पारित कर चुकी है। ऐसे में जब इस मुद्दे का जिक्र संसद में हुआ तो विपक्ष ने इसे राज्यों की पहचान और अधिकारों से जोड़कर सवाल उठाए। विपक्ष का कहना है कि किसी राज्य के नाम और पहचान से जुड़े फैसले में उस राज्य की भावना और विधानसभा की राय का सम्मान किया जाना चाहिए।

संजय सिंह ने इसी मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला और सवाल उठाया कि क्या राज्यों की पहचान से जुड़े फैसले भी केंद्र अपनी इच्छा से करेगा। उन्होंने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि राज्यों के अधिकार और उनकी संवैधानिक स्थिति को लेकर केंद्र का रुख क्या है। विपक्षी सांसदों ने भी इस दौरान सरकार पर कई सवाल उठाए। दूसरी तरफ सत्ता पक्ष की ओर से विपक्ष के आरोपों पर जवाब दिया गया और संसद की कार्यवाही को नियमों के अनुसार चलाने की बात कही गई।

इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा संजय सिंह के उस बयान की रही, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के लिए बेहद आपत्तिजनक राजनीतिक शब्द का इस्तेमाल किया। संसद में सांसदों के भाषण के दौरान शब्दों और संसदीय मर्यादा को लेकर नियम लागू होते हैं। इसलिए किसी भी सांसद के बयान पर पीठ द्वारा आपत्ति जताई जा सकती है और असंसदीय शब्दों को रिकॉर्ड से हटाया भी जा सकता है। यही वजह है कि संजय सिंह के बयान के बाद संसद का माहौल काफी गर्म नजर आया और दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए।

विपक्ष का कहना है कि संसद जनता के मुद्दों पर चर्चा करने की जगह सरकार की नीतियों पर सवाल पूछने का सबसे बड़ा मंच है। वहीं सरकार और सत्ता पक्ष का तर्क रहता है कि विपक्ष को अपनी बात मजबूती से रखनी चाहिए, लेकिन संसदीय भाषा और नियमों का भी पालन करना चाहिए। केरल के नाम से जुड़े मुद्दे ने इस राजनीतिक बहस को और बड़ा बना दिया है, क्योंकि यह सिर्फ नाम का सवाल नहीं बल्कि राज्य की पहचान, इतिहास और संवैधानिक प्रक्रिया से जुड़ा विषय भी है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि केरल के नाम को लेकर आगे क्या फैसला होगा और इस मुद्दे पर केंद्र तथा राज्य के बीच क्या रुख सामने आता है। साथ ही संजय सिंह के बयान को लेकर भी राजनीतिक विवाद आगे बढ़ सकता है। संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जैसे शीर्ष नेताओं पर सीधे व्यक्तिगत आरोप लगाए जाते हैं तो विवाद और ज्यादा बढ़ जाता है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों पक्षों की ओर से और बयान सामने आने की संभावना है।

कुल मिलाकर संसद में संजय सिंह के तीखे बयान, प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह पर लगाए गए राजनीतिक आरोप और केरल के नाम से जुड़ी बहस ने सदन का माहौल गरमा दिया है। अब देखना होगा कि सरकार इस मुद्दे पर क्या जवाब देती है और केरल के नाम को लेकर संवैधानिक प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है। फिलहाल इस पूरे मामले ने एक बार फिर संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव को सामने ला दिया है।

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