
लखनऊ में पोस्टर वॉर से सियासत गरमा गयी है
UTTAR PRADESH LIVE: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बार फिर होर्डिंग और पोस्टर वॉर के जरिए सियासत गरमा गई है। शहर के अलग-अलग प्रमुख इलाकों और चौराहों पर समाजवादी पार्टी (सपा) और पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को निशाना बनाते हुए तीखे बयानों और स्लोगन वाले पोस्टर लगाए गए हैं।
इन होर्डिंग के सामने आने के बाद राज्य का राजनीतिक पारा काफी चढ़ गया है और दोनों तरफ से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
प्रमुख इलाकों में होर्डिंग और तीखे स्लोगन
लखनऊ के गोमती नगर (जनेश्वर मिश्र पार्क के पास) और नेशनल पीजी कॉलेज चौराहे समेत कई व्यस्त इलाकों में ये विवादित होर्डिंग देखने को मिली हैं। इन पोस्टरों के जरिए मुख्य रूप से परिवारवाद, कानून-व्यवस्था और अपराधियों के साथ संबंधों को लेकर सपा को घेरा गया है।
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पारिवारिक राजनीति पर तंज: कुछ होर्डिंग में ‘दाल-चावल और अचार, पार्टी का मतलब परिवार’ स्लोगन के साथ अखिलेश यादव, डिंपल यादव, शिवपाल यादव और रामगोपाल यादव समेत परिवार के कई सदस्यों की तस्वीरें लगाई गई हैं।
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कानून-व्यवस्था और तुष्टिकरण के आरोप: पोस्टरों पर ‘सपाइयों का क्या भरोसा—दंगा, इफ्तार और बिरयानी, सपा राज की असली कहानी’ और ‘खैनी और बनारसी पान, बजट चला गया कब्रिस्तान’ जैसे तंज कसे गए हैं।
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माफिया कनेक्शन का मुद्दा: कुछ अन्य पोस्टरों में अखिलेश यादव के साथ कुछ चर्चित माफियाओं और नेताओं की तस्वीरें छापकर ‘चाय, समोसा, रसमलाई, सारे माफिया अपने भाई’ जैसे आक्रामक नारे लिखे गए हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और विरोध
इस पोस्टर बाजी के सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड और अन्य स्थानीय कार्यकर्ताओं ने इन होर्डिंग्स का कड़ा विरोध किया तथा कई जगहों पर इन्हें फाड़कर हटाया गया।

सपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आगामी चुनावों से पहले विपक्षी दल बौखलाहट में इस तरह के ओछे हथकंडे अपना रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि एक प्रमुख राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ इस तरह की अमर्यादित और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जाना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इन होर्डिंग्स को लगवाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। बहरहाल, इन पोस्टरों ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप के दौर को तेज कर दिया है।