
काकोरी में दलित बुज़ुर्ग से अमानवीय व्यवहार पर आम आदमी पार्टी का विरोध, संजय सिंह ने कहा– ‘BJP राज में दलित होना अपराध’
काकोरी में दलित बुज़ुर्ग से अमानवीय व्यवहार पर आम आदमी पार्टी का विरोध, संजय सिंह ने कहा– ‘BJP राज में दलित होना अपराध’
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी के काकोरी क्षेत्र में एक दलित बुज़ुर्ग के साथ मंदिर परिसर में जबरन अपमानजनक व्यवहार किए जाने की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। बताया गया कि पासी समाज से आने वाले बुज़ुर्ग से मंदिर में पेशाब चटवाने जैसी अमानवीय हरकत की गई, जिससे प्रदेश की कानून-व्यवस्था और सामाजिक न्याय की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।घटना पर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया कि “BJP राज में दलित होना अपराध है। पासी समाज से आने वाले एक बुज़ुर्ग से मंदिर में पेशाब चटवाई गई। जाति पूछा-धर्म नहीं, इंसान के साथ जानवर जैसा व्यवहार।”संजय सिंह के निर्देश पर बुधवार को आप का एक प्रतिनिधिमंडल काकोरी पहुंचा और पीड़ित रामपाल के परिवार से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में दिनेश पटेल (निवर्तमान प्रदेश महासचिव), इमरान लतीफ़ (प्रांत अध्यक्ष, बौद्ध प्रांत), कैप्टन सरबजीत सिंह (प्रभारी, अयोध्या प्रांत), जनक प्रसाद (तिरंगा शाखा प्रमुख), इरम रिज़वी (ज़िला अध्यक्ष, लखनऊ) सहित कई पदाधिकारी शामिल थे। प्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। वहीं, सांसद संजय सिंह ने स्वयं फोन पर पीड़ित रामपाल से बातचीत कर न्याय और सुरक्षा दिलाने का आश्वासन दिया।इस दौरान दिनेश पटेल ने कहा कि “योगी सरकार में दलितों के साथ अत्याचार रुकने का नाम नहीं ले रहे। सत्ता संरक्षण के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। काकोरी की यह घटना केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि संविधान और मानवता पर प्रहार है। आम आदमी पार्टी दलित समाज के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों से लेकर सदन तक आवाज़ उठाएगी।”जनक प्रसाद ने कहा कि “राम के नाम पर शासन चलाने वाले मंदिर में ही अगर दलित से पेशाब चटवाया जा रहा है तो यही भाजपा का तथाकथित रामराज्य है। यह घटना न केवल शर्मनाक है बल्कि सरकार के संवेदनहीन रवैये का प्रतीक है। दोषियों को कठोरतम सज़ा मिलनी चाहिए ताकि कोई भी गरीब या दलित खुद को असुरक्षित महसूस न करे।”आप लखनऊ ज़िला अध्यक्ष इरम रिज़वी ने कहा कि “काकोरी की यह घटना राजधानी लखनऊ के लिए कलंक है। जिस प्रदेश में मंदिरों में जाति पूछकर इंसानियत की हदें तोड़ी जा रही हों, वहाँ कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज़ नहीं बची। आम आदमी पार्टी हर हाल में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखेगी।”प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की कि आरोपियों पर एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाए, पीड़ित परिवार को पर्याप्त सुरक्षा और उचित मुआवज़ा प्रदान किया जाए। आम आदमी पार्टी ने कहा कि वह इस प्रकरण को न्याय मिलने तक मजबूती से उठाती रहेगी।
