
अचानक लापता हुआ अमेरिकी ड्रोन!
IRAN- US Tension: 22 फरवरी 2026 को खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना का MQ-4C ट्राइटन निगरानी ड्रोन अचानक गायब हो गया। यह ड्रोन लगभग $220 मिलियन का अत्याधुनिक विमान था और अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में 33,000 फीट की ऊँचाई पर सामान्य इंटेलिजेंस मिशन पर उड़ रहा था। अचानक ड्रोन ने एसक्वॉक कोड 7700 भेजा, जो हवाई दुर्घटना या गंभीर तकनीकी समस्या का संकेत देता है। इसके बाद यह ट्रैकिंग सिस्टम से गायब हो गया। अब तक ड्रोन का मलबा या कोई निशान नहीं मिला है।
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना में ईरान की इलेक्ट्रॉनिक युद्ध तकनीक (Electronic Warfare) शामिल हो सकती है। इसके तहत ड्रोन के सिस्टम को सीधे गोली मारने की बजाय जाम, स्पूफ या ओवरराइड किया जा सकता है। ऐसा होने पर ड्रोन नियंत्रण से बाहर हो जाता है और स्वतः दुर्घटना में गिर सकता है।

विशेषज्ञ इसे पहले की घटनाओं से जोड़कर देख रहे हैं। 2011 में RQ-170 सेंटिनल ड्रोन और 2019 में Global Hawk ड्रोन के गिराए जाने की स्थितियाँ भी लगभग इसी तरह की थीं। इन दोनों घटनाओं में भी इलेक्ट्रॉनिक या साइबर हस्तक्षेप की भूमिका सामने आई थी।
पेंटागन ने इस घटना पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। अमेरिकी नौसेना और रक्षा विभाग मामले की जांच कर रहे हैं, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है। यह घटना दिखाती है कि आधुनिक ड्रोन तकनीक, जो पहले बहुत सुरक्षित मानी जाती थी, अब इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और साइबर हस्तक्षेप के सामने कमजोर हो रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में निगरानी मिशन अब और भी चुनौतीपूर्ण बन गया है। किसी भी आधुनिक ड्रोन को दुर्घटना से बचाने के लिए अब केवल तकनीकी दक्षता नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा और साइबर सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है।
इस घटना से यह भी साफ़ हो गया है कि भविष्य में नौसेना और हवाई निगरानी मिशन के लिए नई रणनीतियाँ बनाना आवश्यक हैं। अमेरिकी नौसेना की अगली कार्रवाई और ड्रोन सुरक्षा के उपाय वैश्विक रक्षा विशेषज्ञों और देशों की नजरों में हैं