
SGPGI में मरीज का खून से लथपथ शव मिला
SGPGI NEWS: वार्ड में सर्जिकल ब्लेड से गला रेता गया, पास में सो रहे भाई को पता नहीं चला SGPGI में भर्ती बजुर्ग मरीज का बेड पर खून से लथपथ शव मिला। धारदार हथियार से उसका गला रेता गया था। पास में खून से सना सर्जिकल ब्लेड भी मिला है। माना जा रहा है कि उसी से मरीज का गला रेता गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस, फॉरेंसिक और डॉग स्क्वायड ने साक्ष्य जुटाए हैं।शुरूआती जांच में पुलिस इसे बीमारी से परेशान होकर आत्महत्या करना मान रही है। लेकिन हत्या की बात से भी पूरी तरह से इनकार नहीं कर रही है।

पुलिस का कहना है कि सभी एंगल पर बारीकियों से जांच की जा रही है।घटना सोमवार तड़के लिवर ट्रांसप्लांट यूनिट (LTU) वार्ड में हुई। मृतक की पहचान लिवर कैंसर के मरीज मुस्ताक अली (61) के रूप में हुई। वे बस्ती के रहने वाले थे। वार्ड में ही सो रहे उनके सगे भाई मुख्तार अली को इसकी भनक तक नहीं लगी।

पास में जमीन पर सो रहे भाई को नहीं सुनाई दी कोई आवाज
मुस्ताक अली के सगे भाई मुख्तार अली उनके साथ वार्ड में थे। वे रात में वार्ड में मुस्ताक अली के पास ही जमीन पर सो रहे थे। मुख्तार का कहना है कि तड़के किसी भी तरह की चीख-पुकार या आवाज नहीं सुनाई दी। न ही किसी तरह की कोई हलचल हुई।
पुलिस के मुताबिक, सुबह पौने छह बजे घटना का आधिकारिक मेमो मिला। जिसके बाद हजरतगंज और स्थानीय थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (DCP), अपर उपायुक्त (ADCP) और सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) ने भी घटनास्थल का मुआयना किया।
वार्ड के अंदर CCTV कैमरे नहीं हैं। अन्य जगह और कॉरिडोर के कैमरे हैं। उनकी फुटेज खंगाली जा रही है।
21 अप्रैल को हुए थे भर्ती
बस्ती के रहने वाले 61 साल के मुस्ताक अली 21 अप्रैल को लिवर ट्रांसप्लांट विंग में भर्ती थे। गैस्ट्रो विभाग में डॉ. आशीष के अंडर में उनका इलाज चल रहा था। उन्हें लीवर कैंसर था। SGPGI की पीआरओ कुसुम यादव ने बताया कि आज सुबह मुस्तका की मौत की सूचना मिली।
मरीज को हार्ट की भी समस्या थी
SGPGI के सीएमएस देवेंद्र गुप्ता ने बताया- सोमवार सुबह पौने छह बजे के करीब मरीज के मौत की जानकारी मिली। ये पहले मेरे भी ICU में भर्ती हुए थे। कैंसर की बीमारी के अलावा आर्थिक तंगी की बात भी सामने आ रही थी।
इन्हें हार्ट की भी कुछ समस्या थी। उनका इलाज जरूर चल रहा था पर एडवांस स्टेज कैंसर होने के कारण कंडीशन ठीक नहीं थी। पुलिस इन्वेस्टीगेशन कर रही है। आगे की डिटेल जांच के बाद ही पता चल सकेगी।
प्रद्युम्न ने बताया कि मरीज के साथ करीब 3 से 4 तीमारदार भी रहते थे।
15 मिनट पहले विगो बदला गया था\ SGPGI के LTU में इसी तीसरे फ्लोर में अपने परिजन को भर्ती करने वाले प्रद्युम्न कहते हैं कि तड़के करीब साढ़े 4 बजे की घटना है। 15 मिनट पहले मरीज का विगो बदला गया था। तब वह ठीक था, उसे बाद अचानक बेड के पास खून दिखा और पता चला कि मरीज की मौत हो गई।
अभिनव मिश्रा कहते हैं कि उनके पिता सेकंड फ्लोर पर एडमिट हैं। सुबह करीब 5 बजे 61 साल के मरीज के गला रेते जाने की जानकारी मिली। अब ये नहीं पता कि उसने सुसाइड किया या फिर किसी और ने उसकी हत्या कर दी।
इस घटना से मरीजों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हुआ है। मन बहुत आशंकित है। कई बार रात में मुझे खुद भी मरीज को छोड़कर जाना पड़ता है। ऐसे में कब किसके साथ क्या घटना हो जाये, कुछ पता नहीं है।
सभी एंगल पर जांच की जा रही है
डीसीपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि सोमवार तड़के 4 -4:30 बजे के बीच अटेंडेंट ने देखा कि मुश्ताक अली के गले से खून निकल रहा है। उसने अस्पताल स्टाफ को सूचना दी। अस्पताल की सूचना पर मौके पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। मृतक के पास एक ब्लेड पड़ा था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मुश्ताक अली लीवर कैंसर से पीड़ित थे। पिछले 8-9 महीनों से उनका इलाज चल रहा था। वह आर्थिक तंगी से भी गुजर रहे थे। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। मामले में सभी तथ्यों की जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
SGPGI ने बताया…
- बस्ती निवासी 61 वर्षीय मुस्ताक अली को Advanced Adeno Carcinoma of Gall Bladder के इलाज के लिए 21 अप्रैल 2026 को भर्ती किया गया था।
- मरीज का इलाज डॉ. आशीष सिंह की देखरेख में गैस्ट्रो सर्जरी वार्ड में चल रहा था।
- 17 मई की रात तक मरीज की हालत स्थिर बताई गई थी।
- अस्पताल प्रशासन के मुताबिक मरीज कर्मचारियों से सामान्य ढंग से बातचीत कर रहे थे।
- 18 मई की सुबह पास के बेड पर मौजूद मरीज के परिजन ने मुस्ताक अली की हालत गंभीर होने की जानकारी दी।
- सूचना मिलते ही नर्सिंग स्टाफ मौके पर पहुंचा और मरीज की जांच की।
- मरीज की नब्ज और ब्लड प्रेशर नहीं मिल रहा था तथा वह कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे।
- मरीज की दाहिनी गर्दन पर गहरा घाव मिला।
- सिर, बेड और फर्श पर काफी मात्रा में खून फैला हुआ था।
- नर्सिंग स्टाफ ने तुरंत CPR शुरू किया और वार्ड के रेजिडेंट डॉक्टर को सूचना दी।
- रेजिडेंट डॉक्टर ने भी CPR प्रक्रिया में सहयोग किया।
- प्रोटोकॉल के तहत करीब 15 मिनट तक CPR किया गया, लेकिन मरीज को बचाया नहीं जा सका।
- घटना की जानकारी संस्थान प्रशासन ने तत्काल पुलिस को दी।
- पुलिस मामले की जांच में जुटी है।