
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशन में दीन दयाल उपाध्याय ग्राम्य विकास संस्थान में बाढ़ आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशन में दीन दयाल उपाध्याय ग्राम्य विकास संस्थान में बाढ़ आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन
लखनऊ: उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में दीन दयाल उपाध्याय ग्राम्य विकास संस्थान, बख्शी का तालाब, लखनऊ में विभिन्न सरकारी, अर्धसरकारी विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्रामीण विकास से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण देकर उनकी दक्षता बढ़ाने का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में दीन दयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, लखनऊ के सहयोग से 26 मई से 1 जून 2025 तक सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बाढ़ आपदा से अति संवेदनशील राजस्व ग्रामों की आईसीआरपी/समूह सखी महिलाओं को बाढ़ आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में क्षमता संवर्द्धन प्रदान करना है। इस कार्यक्रम में प्रदेश के जनपद गोंडा से 44 और शाहजहांपुर से 56 महिलाएं शामिल होकर कुल 100 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षित महिलाओं को बाढ़ आने से पूर्व, दौरान और बाद में आपदा प्रबंधन एवं जागरूकता फैलाने तथा सहयोग प्रदान करने के लिए सक्षम बनाया जाएगा।प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के महानिदेशक एल. वेंकटेश्वर लू, आईएएस की अध्यक्षता में हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल योगेन्द्र डिमरी, उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, लखनऊ की गरिमामयी उपस्थिति रही। उद्घाटन सत्र में संस्थान के अपर निदेशक बी.डी. चौधरी, सुबोध दीक्षित, कौशिक चैतन्य, चिन्मय मिशन के प्रभारी, सामाजिक कार्यकर्ता अश्विनी कुमार राय, शिक्षा विद डॉ. किशनवीर शाक्य, पूर्व वरिष्ठ सदस्य लोक सेवा आयोग डॉ. एस.के. सिंह, सहायक निदेशक संजय कुमार, कुमार दीपक, सलाहकार प्रवीन किशोर तथा प्रोजेक्ट कोर्डिनेटर ट्रेनिंग सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।उद्घाटन संबोधन में महानिदेशक एल. वेंकटेश्वर लू ने प्रतिभागियों को ग्राम स्तर पर बाढ़ आपदा प्रबंधन योजना के निर्माण एवं क्रियान्वयन के प्रति प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का उपयोग कर वे अपने-अपने जनपद में प्रभावी और समयबद्ध आपदा प्रबंधन सुनिश्चित कर सकेंगी। लेफ्टिनेंट जनरल योगेन्द्र डिमरी ने अपने सैन्य अनुभवों से अनुशासन और सतर्कता बनाए रखने के महत्व पर जोर देते हुए प्रतिभागियों को मार्गदर्शन दिया।प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. एस.के. सिंह द्वारा किया गया, जबकि संजय कुमार, कुमार दीपक और अन्य सहयोगी प्रशिक्षकों ने आयोजन एवं प्रबंधन में अहम भूमिका निभाई। इस कार्यक्रम में प्रशान्त कुमार, आशीष शर्मा, प्रियंका द्विवेदी, मो. शारूख, तथा सुदेश कुमार जैसे प्रशिक्षण सहायकों का भी उल्लेखनीय योगदान रहा।यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य सरकार की ग्रामीण विकास और आपदा प्रबंधन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र विशेषकर बाढ़ प्रभावित इलाकों में सुरक्षा एवं बचाव कार्य और अधिक प्रभावी और सफल बनाया जा सकेगा।
