
पहलगाम हमले पर मायावती का बयान—सभी पार्टियों से एकजुटता की अपील, सपा-कांग्रेस को दी चेतावनी
लखनऊ: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने राजनीतिक दलों से एकजुटता की अपील करते हुए कहा है कि ऐसे समय में सरकार के हर कदम के साथ खड़ा होना चाहिए, न कि इस गंभीर मुद्दे की आड़ में पोस्टरबाजी और बयानबाजी कर के घिनौनी राजनीति की जाए।मायावती ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर सिलसिलेवार पोस्ट में कहा कि इस प्रकार की राजनीतिक बयानबाजी से लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है, जो देशहित में ठीक नहीं है। उन्होंने कहा, “पहलगाम आतंकी हमले को लेकर सभी पार्टियों को एकजुट होकर सरकार के हर कदम के साथ खड़े होना चाहिए, ना कि इसकी आड़ में पोस्टरबाजी व बयानबाजी आदि के जरिए घिनौनी राजनीति की जानी चाहिए, क्योंकि इससे लोगों में कन्फ्यूज़न पैदा हो रहा है।”उन्होंने विशेष तौर पर समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस को चेताते हुए कहा कि वे इस पूरे प्रकरण में संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर का अपमान न करें। मायावती ने कहा, “साथ ही, इस प्रकरण में भारतीय संविधान के निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का भी अपमान कतई ना किया जाए। ख़ासकर सपा व कांग्रेस को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए, वरना बीएसपी इनके विरुद्ध सड़कों पर भी उतर सकती है।”मायावती का यह बयान सपा प्रमुख अखिलेश यादव के हालिया आरोपों के बाद आया है, जिनमें उन्होंने भाजपा पर दलितों के खिलाफ साजिश रचने और बाबा साहेब के संविधान को चुनौती देने का आरोप लगाया था। बसपा प्रमुख के तेवरों से यह स्पष्ट है कि पार्टी इस मुद्दे पर किसी भी दल द्वारा बाबा साहेब के नाम के राजनीतिक प्रयोग को स्वीकार नहीं करेगी।
