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पुलिस द्वारा पुल से कूदकर आत्महत्या का प्रयास कर रही एक बालिका को सकुशल बचाते हुए परिजनों को किया गया सुपुर्द।

देवरिया LIVE 05/11/25

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पुलिस द्वारा पुल से कूदकर आत्महत्या का प्रयास कर रही एक बालिका को सकुशल बचाते हुए परिजनों को किया गया सुपुर्द।

(सिटीजन वॉयस: देवरिया संवाददाता:पुष्कर मणि त्रिपाठी)

देवरिया: क्षेत्राधिकारी नगर  संजय कुमार रेड्डी व थाना प्रभारी रामपुर कारखाना  अभिषेक यादव द्वारा थाना क्षेत्र के पुराना पटनवा पुल स्थित घाट का निरीक्षण किया जा रहा था कि  पुराना पटनवा पुल से एक बुर्का पहने लड़की रोते हुए पुल से कूदने का प्रयास कर रही थी कि वहां मौजूद पुलिस टीम द्वारा देख लिया गया और तत्परता दिखाते हुए उससे बात करते हुए बातों में उलझाते हुए क्षेत्राधिकारी नगर द्वारा वहां मौजूद पुलिस कर्मियों व वहां लोगों  के सहयोग से उसे कूदते समय पकड़ लिया गया और सही-सलामत बचा लिया गया ।

 लड़की जो काफी रो रही थी और कुछ बताने की स्थिति में नहीं थी जिसे थाना रामपुर कारखाना लाया गया और महिला आरक्षी आशा सरोज व महिला आरक्षी सरिता यादव द्वारा उससे बातचीत किया गया तो उसके द्वारा अपना नाम हशमुन निशा उर्फ प्रिती पुत्री मुहम्मद्दीन उम्र लगभग 14 वर्ष निवासिनी बालपुर श्रीनगर थाना तरकुलवा जनपद देवरिया बताया गया ।

 पुलिस टीम द्वारा उसके परिवारजनों से संपर्क कर उन्हें थाने बुलाया गया तो ज्ञात हुआ कि वह अपनी चाची चांदनी के साथ बाहर गई थी कि बिछड़ गई और पुराने पुल पर पहुंच गयी । लड़की मां सलमा द्वारा बताया गया कि कभी-कभी यह परेशान हो जाती है तो बहुत रोने लगती है और कुछ नहीं बताती है ।
पुलिस कर्मियों द्वारा उक्त लड़की को सकुशल उसके परिजनों सुपुर्द किया गया जो इस समय सही सलामत है । अपनी लड़की को सही सलामत पाकर परिजनों द्वारा पुलिस टीम का बहुत-बहुत धन्यवाद किया गया तथा वहां उपस्थित लोगों द्वारा पुलिस के इस कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा की गयी ।

अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी द्वारा  एकौना व थाना रुद्रपुर का निरीक्षण

देवरिया:  पुलिस अधीक्षक  संजीव सुमन के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी  आनंद कुमार पाण्डेय द्वारा  एकौना एवं थाना रुद्रपुर का निरीक्षण किया गया। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा थाना परिसर, अभिलेखों, मालखाना, हवालात, आरक्षी बैरक, भोजनालय, शस्त्रागार, महिला सहायता कक्ष, बीट सूचना रजिस्टर, आगंतुक रजिस्टर, मिशन शक्ति केन्द्र आदि का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया गया तथा रख-रखाव एवं अभिलेखों के अद्यतन स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रभारी निरीक्षक व समस्त पुलिसकर्मियों को  परिसर की साफ-सफाई, अभिलेखों के समुचित रख-रखाव, अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा तथा जनता से व्यवहार में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि थाने का प्रत्येक कर्मी अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहे तथा जनसामान्य की समस्याओं के निस्तारण में संवेदनशीलता एवं तत्परता बरतें।
 थानों पर लंबित विवेचनाओं, वारंटों, शांति भंग की कार्यवाही, बीट सूचना प्रणाली तथा जनशिकायतों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विवेचक को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके।

अपर पुलिस अधीक्षक ने थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी जानकारी ली तथा अपराध नियंत्रण हेतु नियमित रूप से गश्त, संदिग्ध व्यक्तियों पर निगरानी, तथा ग्राम चौपालों के माध्यम से जनता से संवाद करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस-जन सहयोग से ही अपराध नियंत्रण संभव है, इसलिए जनता के बीच विश्वास का वातावरण बनाना प्रत्येक पुलिसकर्मी की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक महोदय ने आरक्षी बैरक, मेस, शस्त्रागार एवं कार्यालय कक्षों का निरीक्षण कर साफ-सफाई व सुव्यवस्था बनाए रखने हेतु निर्देश दिए। भोजन की गुणवत्ता एवं आरक्षियों के रहने की स्थिति की भी जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक सुधार के लिए थाना प्रभारी को निर्देशित किया।

संयुक्त निगरानी समिति के द्वारा किया गया  कारागार का निरीक्षण 

देवरिया: जिला कारागार  का निरीक्षण  जैनेन्द्र सिंह अपर जिलाधिकारी (प्र0) की अध्यक्षता में के समय  प्रेमसागर शुक्ला जेल अधीक्षक,  राजकुमार जेलर, डा आर के श्रीवास्तव वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ,  देवमुनी वर्मा, खण्ड शिक्षा अधिकारी  सदर, रत्नेश पाण्डेय बाल विकास परियोजना अधिकारी,  विरेन्द्र मणि त्रिपाठी एवं मंत्री सिंह सदस्य बाल कल्याण समिति एवं जय प्रकाश तिवारी संरक्षण अधिकारी जिला बाल संरक्षण इकाई, के द्वारा किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य जिला कारागार में महिला बन्दियो के साथ आवासित 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चो का समग्र विकास व संरक्षण सुनिश्चित किये जाने हेतु उनकी शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ, पोषण, देखरेख, मनोरंजन, मनोसामाजिक परामर्श एवं भावनात्मक सहयोग हेतु

’सुरक्षित बचपन योजना’ के अन्तर्गत जिलाधिकारी महोदया के द्वारा गठित संयुक्त निगरानी समिति के सदस्यो के द्वारा निरीक्षण कर अपने से सम्बन्धित विभागो की योजनाओ एवं बच्चो को उपलब्ध कराये जाने वाले सुविधाओ के बारे मे जानकारी दिया गया। उक्त योजना मा0 उच्च न्यायालय इलाहाबाद मे योजित क्रिमिनल मिस बेल अप्लीकेशन संख्या-25993/2024  रेखा बनाम उप्र राज्य एवं क्रिमिनल मिस बेल अप्लीकेशन  संतोष बनाम उप्र राज्य मे मा उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा पारित  के अनुपालन मे किया गया। उक्त के अन्तर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई, देवरिया के द्वारा बच्चो की व्यक्तिगत देखरेख योजना किशोर न्याय अधिनियम के अन्तर्गत तैयार कराया गया। निरीक्षण के समय अपर जिलाधिकारी (प्र0)  के द्वारा शासनादेश मे निहीत प्राविधानो के अन्तर्गत नियमित निरीक्षण कर सम्बन्धित विभागो के द्वारा नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही कराये जाने हेतु निर्देश दिये गये। निरीक्षण के समय कारागार में 7 बच्चे आवासित पाये गये। इसके साथ ही संरक्षण अधिकारी के द्वारा महिला कल्याण विभाग की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओ की जानकारी देते हुये बताया गया कि महिला बन्दिओ के साथ रह रहे बच्चो हेतु स्पान्सरशिप योजना एवं उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) से आच्छादित कराये जाने का भी प्राविधान है तथा कारागार अधीक्षक के द्वारा बताया गया कि बच्चो के लिये शासनादेश के अनुसार नियमानुसार सुविधाये उपलब्ध करायी जा रही है। डा आर0के0 श्रीवास्तव के द्वारा समस्त बच्चो का स्वास्थ परीक्षण कर आवश्यक पौष्टिक आहार एवं विटामिन्स से सम्बन्धित सुविधाये उपलब्ध कराये जाने के सुझाव दिये। खण्ड शिक्षा अधिकारी के द्वारा शिक्षा विभाग की योजनाओ एवं शिक्षण संस्थाओ से जोडे़ जाने के बारे मे जानकारी दिया गया। बाल विकास परियोजना अधिकारी के द्वारा बच्चो को नियमानुसार आंगनबाड़ी केन्द्रो से आच्छांदित कराये जाने के बारे जानकारी दिया गया

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