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अली अहमद के काफिले को कौशांबी में पुलिस ने रोका, वाहनों की हुई सघन जांच; अहजम की गाड़ी भी रोकी

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अली अहमद के काफिले को कौशांबी में पुलिस ने रोका, वाहनों की हुई सघन जांच; अहजम की गाड़ी भी रोकी

UTTAR PRADESH LIVE: प्रदेश से इस वक्त की बड़ी खबर अतीक अहमद के बेटे अली अहमद से जुड़ी हुई है। झांसी जेल से प्रयागराज ले जाए जा रहे अली अहमद के काफिले को कौशांबी में सैनी कोतवाली के पास अचानक रोक दिया गया। काफिला रुकते ही पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करते हुए काफिले में शामिल गाड़ियों की जांच शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस की निगाहें हर वाहन और उसमें मौजूद लोगों पर थीं। काफी देर तक चली जांच के बाद काफिले को आगे रवाना किया गया। दरअसल, अली अहमद इस समय झांसी जेल में बंद है। उसे पहले प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल से झांसी जेल शिफ्ट किया गया था। अक्टूबर 2025 में जेल प्रशासन ने बताया था कि शासन के आदेश पर अली को नैनी से झांसी ले जाया गया था। अली पर कई आपराधिक मामलों में आरोप हैं और उमेश पाल हत्याकांड में भी उसका नाम आरोपियों में शामिल किया गया है। अली अहमद को लेकर पुलिस की सुरक्षा पहले से ही काफी कड़ी रही है। अगस्त 2026 में जब अली को उसके छोटे भाई अबान अहमद के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैरोल पर प्रयागराज ले जाया गया था, तब भी उसके काफिले के साथ भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। उस दौरान पुलिस उसके रूट पर लगातार नजर रख रही थी। रिपोर्टों के मुताबिक, रास्ते में कुछ संदिग्ध वाहन भी काफिले के पीछे चलते हुए दिखाई दिए थे, जिसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की थी। अब एक बार फिर अली अहमद का काफिला चर्चा में है। कौशांबी में सैनी कोतवाली के पास अचानक काफिला रोके जाने के बाद पुलिस ने एक-एक करके वाहनों की जांच की। इसी दौरान अतीक अहमद के दूसरे बेटे अहजम अहमद की गाड़ी को भी पुलिस ने रोककर पूछताछ की। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अहजम को जाने दिया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती। अतीक अहमद के परिवार से जुड़े मामलों को देखते हुए पुलिस पहले से ही ऐसे किसी भी मूवमेंट को लेकर सतर्क रहती है। अगस्त में अली को प्रयागराज ले जाते समय भी उसके काफिले के पीछे कई गाड़ियों के चलने की बात सामने आई थी। इसके अलावा पुलिस ने बाद में काफिले से जुड़े वाहनों और टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की थी। बात अगर उमेश पाल हत्याकांड की करें तो फरवरी 2023 में प्रयागराज के धूमनगंज इलाके में उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनरों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जांच के दौरान अली अहमद का नाम भी सामने आया और उसे इस केस में आरोपी बनाया गया। पुलिस और जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद अली लंबे समय से जेल में बंद है। अली अहमद ने जुलाई 2022 में प्रयागराज की अदालत में सरेंडर किया था। इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। बाद में उमेश पाल हत्याकांड सहित अन्य मामलों में भी उसकी भूमिका को लेकर जांच आगे बढ़ी। अप्रैल 2024 में उमेश पाल हत्याकांड के सिलसिले में अली से पूछताछ किए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई थी। फिलहाल कौशांबी में काफिला रोके जाने के दौरान पुलिस की चेकिंग के बाद अहजम अहमद को जाने दिया गया और अली अहमद को लेकर काफिला आगे प्रयागराज की ओर रवाना हुआ। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की तरफ से सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई। हालांकि, काफिला रोकने की इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर अलग-अलग चर्चाएं जरूर हैं, लेकिन किसी भी संभावित कारण को आधिकारिक पुष्टि के बिना तथ्य के तौर पर नहीं कहा जा सकता। सबसे अहम बात यह है कि अली अहमद को लेकर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था लगातार कड़ी बनी हुई है। झांसी जेल से प्रयागराज तक उसके मूवमेंट पर पुलिस की नजर रहती है और रास्ते में आने वाले संवेदनशील इलाकों में भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाती है। कौशांबी में सैनी कोतवाली के पास हुई चेकिंग भी इसी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बताई जा रही है। तो फिलहाल बड़ी खबर यही है कि झांसी जेल से प्रयागराज लाए जा रहे अली अहमद के काफिले को कौशांबी में पुलिस ने रोककर वाहनों की जांच की। अतीक के दूसरे बेटे अहजम अहमद की गाड़ी को भी पुलिस ने रोका और पूछताछ की, लेकिन जांच के बाद उसे जाने दिया गया। अब देखना होगा कि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस की ओर से आगे कोई आधिकारिक जानकारी सामने आती है या नहीं।

 

 

 

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