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प्रधानमंत्री की उम्र पर मोहन भागवत के बयान को लेकर प्रमोद तिवारी का हमला, पूछा- क्या 75 की उम्र में मोदी देंगे इस्तीफा?

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प्रधानमंत्री की उम्र पर मोहन भागवत के बयान को लेकर प्रमोद तिवारी का हमला, पूछा- क्या 75 की उम्र में मोदी देंगे इस्तीफा?

लखनऊ: राज्यसभा में उप नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद प्रमोद तिवारी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भागवत जी ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि “जब आप 75 साल के हो जाते हैं, तो इसका मतलब है कि आपको रुक जाना चाहिए और दूसरों के लिए रास्ता बनाना चाहिए।” अब देश यह जानना चाहता है कि सितंबर 2025 में 75 वर्ष के हो रहे प्रधानमंत्री क्या इस संदेश को आत्मसात करते हुए पद छोड़ेंगे?प्रमोद तिवारी ने कहा कि यह बयान भले ही संघ और भाजपा का आंतरिक मामला हो, लेकिन इसका प्रभाव पूरे देश पर पड़ता है। उन्होंने तीखे सवाल उठाते हुए पूछा, “क्या नरेंद्र मोदी जी, जो स्वयं को संघ का आजीवन कार्यकर्ता बताते हैं, मोहन भागवत जी के इस संदेश का पालन करेंगे और पार्टी में किसी युवा को मौका देने के लिए प्रधानमंत्री पद से हटेंगे?”उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, सुमित्रा महाजन और कलराज मिश्र जैसे भाजपा के दिग्गजों को इसी उम्र सीमा के आधार पर सक्रिय राजनीति से अलग कर दिया गया था, “तो क्या अब खुद नरेंद्र मोदी उसी परंपरा का पालन करेंगे?”तिवारी ने भाजपा की नैतिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पार्टी में नैतिकता होती, तो प्रधानमंत्री ट्रंप के उस दावे का सार्वजनिक खंडन करते जिसमें उन्होंने 21 बार कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर कराया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री साहस नहीं जुटा पाए कि अमेरिकी राष्ट्रपति को गलत ठहरा सकें। अब वाणिज्य मंत्रालय का एक प्रतिनिधिमंडल अमेरिका भेजा जा रहा है, लेकिन देश को जवाब नहीं मिल रहा।”उन्होंने भाजपा संगठन में हो रही देरी पर भी तंज कसते हुए कहा कि शायद यही कारण है कि अब तक भाजपा का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त नहीं हो पाया है।इसके साथ ही प्रमोद तिवारी ने “वोटबंदी” को लेकर भी भाजपा और जेडीयू पर करारा हमला बोला। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा बिहार की मतदाता सूची में आधार, राशन कार्ड और वोटर आईडी जैसे दस्तावेजों की अनिवार्यता पर की गई टिप्पणी को लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया और कहा कि यह भाजपा-जेडीयू की “लोकतंत्र विरोधी कोशिशों पर झन्नाटेदार तमाचा” है।उन्होंने आरोप लगाया कि “हरियाणा और महाराष्ट्र में मुंह में खून लग चुका है, और अब वही पटकथा बिहार में दोहराई जा रही है।” लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि बिहार की जागरूक जनता भाजपा-जेडीयू को करारी शिकस्त देगी।प्रमोद तिवारी के इस बयान ने न सिर्फ राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ाई है, बल्कि 2025 में नरेंद्र मोदी की उम्र के मुद्दे को लेकर भाजपा के भीतर भी बहस को हवा दे दी है।

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