
18 सितंबर 2026: आज़मगढ की 10 प्रमुख खबरें
- घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर: सगड़ी तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है, जिससे डिघिया गेज पर नदी खतरे के निशान (70.40 मीटर) से ऊपर बह रही है। देवारा खास राजा के कई मजरे बाढ़ की चपेट में आ गए हैं और संपर्क मार्ग डूब गए हैं।
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पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर चोरी: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर खड़े एक ट्रक से लगभग एक लाख रुपये मूल्य का साबुन चोरी होने का मामला सामने आया है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।
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तालाब में डूबने से युवक की मौत: अतरौलिया थाना क्षेत्र के बिलारी गांव में भैंस चराने गया 45 वर्षीय सुनील प्रजापति तालाब पार करते समय गहरे पानी में फिसल गया, जिससे उसकी डूबकर मौत हो गई।
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भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर विशेष आयोजन: जिलेभर में आदि शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। कारखानों, औद्योगिक संस्थानों और प्रतिष्ठानों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई तथा कई स्थानों पर भव्य झांकियां व जुलूस निकाले गए।
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सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में जिले में 17 सितंबर से शुरू हुए ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत नरौली तिराहे पर श्रमदान और स्वच्छता संदेश कार्यक्रम आयोजित किया गया। साथ ही अस्पतालों में फल वितरण और रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ।
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ताइक्वांडो ट्रायल में खिलाड़ियों का प्रदर्शन: पुलिस लाइन में 70वीं जनपदीय विद्यालयी ताइक्वांडो प्रतियोगिता-2026 के लिए ट्रायल आयोजित किया गया, जिसमें 76 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और शानदार प्रदर्शन किया।
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पूर्व मंत्री दलसिंगार यादव की पुण्यतिथि: कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय महराजगंज पहुंचकर पूर्व मंत्री स्व. दलसिंगार यादव की छठी पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए और उनके सामाजिक योगदान को याद किया।
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वृद्धा की मौत के बाद संपत्ति विवाद: जिले में एक 105 वर्षीया वृद्धा की मृत्यु के बाद उनकी बेटियों के बीच संपत्ति को लेकर उपजे विवाद में पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
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बाढ़ चौकियों पर प्रशासनिक सुस्ती की शिकायत: घाघरा के तटीय इलाकों में जलस्तर बढ़ने के बावजूद बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों के समय से न मिलने और निगरानी में लापरवाही की शिकायत ग्रामीणों द्वारा की गई है।
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कटान से किसानों की बढ़ी चिंता: घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण सहबदिया और अचल नगर के सामने तेज कटान शुरू हो गई है, जिससे दर्जनों बीघा कृषि योग्य उपजाऊ जमीन नदी में समा चुकी है और किसानों में डर का माहौल है।