
उत्तर प्रदेश की 10 प्रमुख खबरें: 29 सितंबर 2026
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यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2026) का समापन: ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में चल रहे पांच दिवसीय चौथे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो का आज अंतिम दिन है। व्यापारिक बैठकों (B2B) और एमओयू समझौतों को लेकर इसमें भारी उत्साह देखा गया।
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मौसम में सुधार और राहत: पिछले दिनों लगातार भारी बारिश और जनजीवन अस्त-व्यस्त होने के बाद अब उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम साफ होने लगा है, जिससे लोगों को राहत मिली है।
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अतिवृष्टि से नुकसान का आंकलन: पिछले दिनों राज्य में अत्यधिक बारिश, घर ढहने और बाढ़ जैसी आपदाओं के चलते हुई जनहानि (लगभग 56 मौतें) और बड़े पैमाने पर हुए मकानों व फसलों के नुकसान के बाद शासन स्तर पर राहत और मुआवजे की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
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पेंशनर्स और कर्मचारियों का देशव्यापी आंदोलन: आठवें वेतन आयोग में पेंशन संशोधन, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली और अन्य 12 सूत्रीय मांगों को लेकर राज्य के विभिन्न जिलों (जैसे प्रयागराज, हरदोई आदि) में पेंशनर्स एसोसिएशन और कर्मचारियों द्वारा धरना-प्रदर्शन व ज्ञापन सौंपने के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
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राजधानी लखनऊ में तापमान और आबोहवा: लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में आज अधिकतम तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किए जाने का अनुमान है, धूप खिलने से मौसम सामान्य हो रहा है।
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पितृ पक्ष पर धार्मिक आयोजन: अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि (29 सितंबर) पर प्रदेशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों (जैसे प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या आदि) पर पिंडदान, तर्पण और अनुष्ठानों के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी है।
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औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को गति: राज्य सरकार की नीतियों के चलते एमएसएमई (MSME) और स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तर पर नए बाजारों और मेलों की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
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धान की फसलों को लेकर किसानों की चिंता: हालिया दौर की मूसलाधार बारिश और जलभराव के कारण राज्य के कई हिस्सों में धान और अन्य खरीफ फसलों को पहुँचे नुकसान से किसानों को उबारने के लिए कृषि विभाग ने समीक्षा शुरू कर दी है।
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त्योहारों से पहले सुरक्षा और प्रशासनिक चौकसी: आगामी पर्वों और त्योहारों के मद्देनजर उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन द्वारा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में गश्त और चेकिंग अभियान तेज कर दिए गए हैं।
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स्मार्ट सिटी और विकास कार्य: प्रदेश के प्रमुख महानगरों (लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, गोरखपुर आदि) में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और सड़क निर्माण कार्यों की गति को तय समयसीमा में पूरा करने के लिए प्रशासनिक मॉनिटरिंग बढ़ा दी गई है।