
बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में मनाया गया सरदार वल्लभ भाई पटेल जयंती एवं राष्ट्रीय एकता दिवस
बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में मनाया गया सरदार वल्लभ भाई पटेल जयंती एवं राष्ट्रीय एकता दिवस
लखनऊ: बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में 31 अक्टूबर को लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती एवं राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. अश्विनी कुमार सिंह, प्रॉक्टर प्रो. राम चंद्रा, विश्वविद्यालय के शिक्षक, गैर शिक्षण कर्मचारी तथा विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत में सरदार वल्लभ भाई पटेल एवं बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर के छायाचित्र एवं प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इसके उपरांत उपस्थित जनों ने एकता दिवस की शपथ लेकर राष्ट्र की एकता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया।कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने अपने उद्बोधन में कहा कि विश्वविद्यालय परिवार सरदार वल्लभ भाई पटेल के 150वें जन्मदिवस को श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मना रहा है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने अपने अदम्य साहस, दृढ़ निश्चय और दूरदर्शिता से स्वतंत्र भारत को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया था। भारत के प्रशासनिक ढांचे की नींव भी उनके ही कुशल नेतृत्व में पड़ी, जिसके चलते आज देश आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से निरंतर प्रगति कर रहा है।कुलपति ने कहा कि सरदार पटेल की दूरदर्शी सोच और राष्ट्र के प्रति उनकी निष्ठा आज भी हमें प्रेरणा देती है। उनका योगदान विकसित भारत @2047 के लक्ष्यों को साकार करने में आधारशिला के रूप में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के आदर्शों को अगली पीढ़ियों तक पहुंचाना और उन्हें जीवन में उतारना हम सभी का कर्तव्य है।प्रो. मित्तल ने विशेष रूप से युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के पास विश्व की सबसे बड़ी युवाशक्ति है। यदि युवा आत्मचिंतन करते हुए अपनी ऊर्जा और क्षमताओं का सही दिशा में उपयोग करें, तो राष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने युवाओं से शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने, संतुलित जीवनशैली अपनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम के माध्यम से विश्वविद्यालय समुदाय ने देश की एकता, अखंडता और समरसता के प्रति अपने अटूट संकल्प का प्रदर्शन किया।
