
लखनऊ: बीबीएयू में जनजातीय गौरव दिवस और भगवान बिरसा मुंडा जयंती पर विशेष कार्यक्रम, कुलपति ने दी श्रद्धांजलि
लखनऊ: बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस और भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में जनजातीय नायकों के योगदान, सामाजिक न्याय, संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम में बिरसा मुंडा की भूमिका पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स और खेल अनुभाग की ओर से विशेष सहयोग प्रदान किया गया, जिससे आयोजन गरिमापूर्ण और अनुशासित रहा।कार्यक्रम का नेतृत्व कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने किया। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि बिरसा मुंडा ने अपने संघर्ष और नेतृत्व से देश की जनजातीय चेतना को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराएँ और बलिदान राष्ट्र निर्माण की अमूल्य धरोहर हैं, जिनसे नई पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए।कार्यक्रम में खेल अनुभाग के निदेशक और कार्यक्रम आयोजक प्रो. के. एल. महावर, सहायक निदेशक डॉ. मनोज कुमार डडवाल, आईक्यूएसी निदेशक प्रो. शिल्पी वर्मा, प्रो. बी.एस. भदौरिया, प्रो. नरेन्द्र कुमार, प्रो. बी.सी. यादव, डॉ. नन्द किशोर मोरे, डॉ. पवन कुमार चौरसिया और डॉ. ओ.पी. सैनी सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक, एनसीसी कैडेट्स और विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में छात्रों ने जनजातीय संस्कृति के प्रति सम्मान, सामाजिक सहभागिता और बिरसा मुंडा के योगदान से जुड़े विचारों को साझा किया।बीबीएयू परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम जनजातीय समाज की प्रेरणादायी विरासत और भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों को याद करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास बनकर रहा, जिसमें देश की विविधता, संघर्ष और गौरवशाली परंपराओं का संदेश पूरे सम्मान के साथ प्रतिबिंबित हुआ।
