
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को गुलदस्ता पेश किया धन्यवाद।
लखनऊ:आज बिहार चुनाव की सफलता के बाद लखनऊ लौटे माननीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी से मुलाक़ात करने का मौका मिला।

लखनऊ में अपने चाहने वालों और उन कई हज़ार लोगों की तरफ़ से जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में हुई इस पहल पर मेरे माध्यम से शुक्रिया भेजने का निवेदन किया की तरफ़ से,मैंने उन्हें एक गुलदस्ता पेश कर शुक्रिया अदा किया—क्योंकि उन्होंने “हज़रत अली (अलैहिस्सलाम) इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी” के प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए, उसे भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय और अन्य विभागों तक पहुँचाया।यह कदम सिर्फ़ एक फाइल आगे बढ़ने का नहीं,बल्कि लखनऊ के लाखों युवाओं के दिल की दुआएँ और उम्मीदों के पूरा होने की शुरुआत है। हज़रत अली (अ.स.) — जिनका नाम इंसाफ़ और इल्म का दूसरा नाम है हमारी ख़्वाहिश है कि आने वाली पीढ़ियाँ एक ऐसे विश्वविद्यालय में पढ़ें जिसकी बुनियाद हज़रत अली (अ.स.) की इंसानियत, न्याय, साहस और इल्म पर रखी जाए और यहाँ भारत के भविष्य के लिए प्रतिभाओं का सृजन किया जाए। उनकी शख्सियत सिर्फ़ एक जमात की नहीं,पूरी इंसानियत के लिए रोशनी का रास्ता है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी ने जिस तरह इस प्रस्ताव पर त्वरित और सकारात्मक कार्रवाई की वह हमारे लिए सम्मान, राहत और उम्मीद — तीनों है।
ये कदम हमारे समुदाय के लिए हमेशा याद रखे जाएंगे।लखनऊ जहाँ तहज़ीब और इल्म साथ-साथ चलते है आज मैंने महसूस किया कि अगर नीयत साफ़ हो और इरादे नेक तो सरकारें भी साथ देती हैं और खुदा भी।“हज़रत अली (अ.स.) इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी”एक ऐसा ख्वाब है जिसे हम मिलकरहक़ीक़त में बदलेंगे, इंशा अल्लाह। लखनऊ के सभी समुदाय, उलेमा, बुद्धिजीवी और नौजवान आप सबकी दुआएँ, उम्मीदें और साथ, यही मेरी इस मिशन की ताक़त हैं।