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हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में भारत विरोधी नारे!

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हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में भारत विरोधी नारे!

ढाका LIVE: बांग्लादेश में हाल ही में जो भारी बवाल और हिंसक प्रदर्शन देखने को मिले, उसकी वजह बने शरीफ उस्मान हादी। शरीफ उस्मान हादी बांग्लादेश के एक जाने-माने छात्र नेता और युवा राजनीतिक कार्यकर्ता थे। वे युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय थे और सरकार, खासकर भारत से करीबी माने जाने वाले राजनीतिक दलों के खिलाफ खुलकर बोलते थे।

उनका मानना था कि भारत बांग्लादेश की राजनीति में जरूरत से ज्यादा दखल देता है। इसी वजह से वे अक्सर भारत विरोधी बयान देते थे और कई छात्र संगठन उनके समर्थन में खड़े रहते थे।

एक दिन ढाका में अचानक उन पर हमला हुआ। जब वे बाहर जा रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर गोली चला दी। गोली लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए। पहले उनका इलाज बांग्लादेश में हुआ, फिर हालत ज्यादा खराब होने पर उन्हें विदेश ले जाया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी। जैसे ही उनकी मौत की खबर फैली, पूरे बांग्लादेश में गुस्सा फैल गया। खासकर छात्र और युवा सड़कों पर उतर आए और इसे सिर्फ एक हत्या नहीं बल्कि “राजनीतिक साजिश” बताने लगे।

लोगों का गुस्सा इतना ज्यादा था कि देखते-देखते प्रदर्शन हिंसक हो गए। ढाका समेत कई बड़े शहरों में सड़कें जाम कर दी गईं, दुकानों को बंद कराया गया और सरकारी इमारतों के सामने नारेबाजी शुरू हो गई। इसी दौरान बड़ी संख्या में Anti-India नारे भी लगाए गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि शरीफ उस्मान हादी भारत-विरोधी सोच रखते थे, इसलिए उन्हें रास्ते से हटाया गया। हालांकि इन आरोपों का कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया, लेकिन भीड़ का गुस्सा लगातार बढ़ता चला गया।
कई जगहों पर हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। कुछ इलाकों में आगजनी और तोड़-फोड़ भी हुई। राजनीतिक दलों के दफ्तरों पर हमले हुए और मीडिया संस्थानों को भी निशाना बनाया गया। सोशल मीडिया पर भी हादी की मौत को लेकर तरह-तरह के दावे फैलने लगे, जिससे माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया। लोग इसे सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि देश की राजनीति और विदेशी दखल से जोड़कर देखने लगे।
सरकार ने हालात को संभालने के लिए सुरक्षा बढ़ाई और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। हादी की मौत की जांच के आदेश दिए गए और दोषियों को सजा दिलाने का वादा किया गया। इसके बावजूद कई दिनों तक प्रदर्शन चलते रहे। इस घटना ने बांग्लादेश की राजनीति में गहरी हलचल मचा दी और भारत-बांग्लादेश संबंधों पर भी सवाल खड़े कर दिए।
कुल मिलाकर, शरीफ उस्मान हादी की मौत सिर्फ एक हत्या नहीं रही, बल्कि यह बांग्लादेश में गुस्से, राजनीति, छात्र आंदोलनों और भारत-विरोधी भावनाओं का बड़ा कारण बन गई। यही वजह है कि उनकी मौत के बाद पूरे देश में तांडव जैसा माहौल देखने को मिला और सड़कों पर हजारों लोग उतर आए।

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