
योगी सरकार की ‘मातृभूमि योजना’ बनी प्रदेश के लिए मिसाल: उत्तर प्रदेश के गांवों में आकार ले रहे हैं आत्मनिर्भरता के सपने: ओ.पी. राजभर
योगी सरकार की ‘मातृभूमि योजना’ बनी प्रदेश के लिए मिसाल: उत्तर प्रदेश के गांवों में आकार ले रहे हैं आत्मनिर्भरता के सपने: ओ.पी. राजभर
HIGHLIGHT
उन्नाव के कमालपुर में खुला अनूठा कला प्रशिक्षण केंद्र; दोनों हाथ न होने पर भी पैरों से ब्रश थामने वाली दिव्यांग कलाकार शीला शर्मा बनीं पूरे प्रदेश की प्रेरणा।
*ग्रामीण प्रतिभाओं को तराशने के साथ-साथ युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार के खुलेंगे नए द्वार
समाज की सहभागिता से संवर रहा गांवों का भविष्य: ओ.पी. राजभर
लखनऊ, 25 मई 2026: उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी की दूरदर्शी प्रेरणा और माननीय पंचायती राज मंत्री श्री ओमप्रकाश राजभर जी के कुशल मार्गदर्शन में पंचायती राज विभाग उत्तर प्रदेश पंचायत विकास और जन-भागीदारी का एक नया अध्याय लिख रहा है।

सरकार की महत्वाकांक्षी ‘उत्तर प्रदेश मातृभूमि योजना’ अब केवल बुनियादी ढांचे के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण भारत की छिपी हुई प्रतिभाओं को वैश्विक मंच देने और पूरे प्रदेश को गौरवान्वित करने का एक सशक्त माध्यम बन चुकी है।
इसी भव्य विजन के तहत, जनपद उन्नाव की ग्राम पंचायत कमालपुर में नवनिर्मित अत्याधुनिक कला प्रशिक्षण केंद्र का भव्य उद्घाटन किया गया। इस केंद्र का लोकार्पण माननीय पंचायती राज मंत्री श्री ओमप्रकाश राजभर जी, यूपी ट्रांसफॉर्मेशन कमिशन के सीईओ श्री मनोज कुमार सिंह एवं मोहान के माननीय विधायक श्री बृजेश कुमार रावत जी द्वारा विभागीय अधिकारियों और स्थानीय ग्रामीणों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।
मुख्यमंत्री के विजन को धरातल पर उतार रहा पंचायती राज विभाग
यह कला केंद्र मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के उस संकल्प का जीवंत उदाहरण है, जिसमें वे उत्तर प्रदेश के हर गांव को आत्मनिर्भर और साधन-संपन्न बनाने की बात करते हैं। पंचायती राज विभाग के नेतृत्व में यह केंद्र ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और बच्चों के सपनों को उड़ान देगा। यहाँ चित्रकला, हस्तशिल्प, सिलाई एवं वस्त्र डिजाइनिंग, संगीत और नृत्य जैसी विधाओं का उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। आर्थिक तंगी किसी के आड़े न आए, इसके लिए बच्चों को निःशुल्क कला सामग्री के साथ-साथ प्रोत्साहन भत्ता भी दिया जाएगा।
इस ऐतिहासिक पहल के केंद्र में हैं प्रदेश की बेटी और दिव्यांग फुट पेंटर श्रीमती शीला शर्मा। दोनों हाथ न होने के बावजूद अपने पैरों की उंगलियों से कैनवास पर अद्भुत रंग बिखेरने वाली शीला शर्मा की कहानी आज पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक मिसाल बन चुकी है।
मुख्यमंत्री जी की जन-भागीदारी की नीति से प्रेरित होकर, इस केंद्र के निर्माण में 60 प्रतिशत की सहयोग राशि स्वयं श्रीमती शीला शर्मा द्वारा दी गई है, जबकि शेष 40 प्रतिशत का योगदान पंचायती राज विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किया गया है। शीला शर्मा अब इस केंद्र के माध्यम से गांव के सैकड़ों बच्चों के भविष्य को संवारने का जिम्मा उठा रही हैं।
शीला शर्मा ने कहा: “ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों में असाधारण प्रतिभा होती है, बस उन्हें सही मंच की जरूरत होती है। पूज्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी और पंचायती राज विभाग ने मातृभूमि योजना के जरिए मेरे उस सपने को सच कर दिया, जिसे मैं वर्षों से देख रही थी। अब गांव का कोई बच्चा अवसरों से वंचित नहीं रहेगा।”
लोकार्पण के अवसर पर माननीय पंचायती राज मंत्री श्री ओमप्रकाश राजभर जी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में हमारी सरकार उत्तर प्रदेश की पंचायतों का कायाकल्प कर रही है। मातृभूमि योजना सिर्फ सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का नाम नहीं है, बल्कि यह अपनी माटी के कर्ज को चुकाने और समाज की सहभागिता से गांवों का भविष्य बदलने का महा-अभियान है।”