
शिया महासचिव मौलाना आगा अब्बास ने उत्तर प्रदेश में कश्मीरी लोगों के साथ हो रहे व्यवहार पर गंभीर चिंता जताई।
शिया महासचिव मौलाना आगा अब्बास ने उत्तर प्रदेश में कश्मीरी लोगों के साथ हो रहे व्यवहार पर गंभीर चिंता जताई।
लखनऊ: लखनऊ में हुए एक कार्यक्रम में शिया महासचिव मौलाना आगा अब्बास ने उत्तर प्रदेश में कश्मीरी लोगों के साथ हो रहे व्यवहार पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यूपी और उत्तर भारत के कई शहरों में जो कश्मीरी लोग शॉल और ड्राई फ्रूट बेचकर अपनी रोज़ी-रोटी कमाते हैं, उन्हें अक्सर बेवजह परेशान किया जाता है।
मौलाना आगा अब्बास के अनुसार, इन कश्मीरी व्यापारियों से बार-बार पहचान पूछी जाती है, शक की नज़र से देखा जाता है और कभी-कभी पुलिस या स्थानीय लोग उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ पहनावे या कश्मीरी पहचान की वजह से किसी को परेशान करना गलत है। ये लोग मेहनत से कमाते हैं और उन्हें सम्मान के साथ जीने का पूरा हक़ है। मौलाना ने इसे इंसानियत और संविधान के खिलाफ बताया।

इसी दौरान मौलाना आगा अब्बास ने बिहार के मुख्यमंत्री से जुड़ी एक हालिया घटना पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किसी महिला के हिजाब को छूना या उस पर टिप्पणी करना, चाहे वो कोई भी बड़ा नेता क्यों न हो, बिल्कुल गलत है। मौलाना ने साफ कहा कि हिजाब सिर्फ कपड़ा नहीं है, बल्कि कई महिलाओं की आस्था, इज़्ज़त और निजी आज़ादी से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि नेताओं को सार्वजनिक मंच पर बहुत सोच-समझकर बोलना और व्यवहार करना चाहिए, क्योंकि उनके काम का असर पूरे समाज पर पड़ता है। ऐसी घटनाएँ महिलाओं की गरिमा पर सवाल उठाती हैं और समाज में गलत संदेश देती हैं।
मौलाना आगा अब्बास ने सरकार और प्रशासन से मांग की कि कश्मीरी व्यापारियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे बिना डर के अपना काम कर सकें। साथ ही उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि धर्म, पहचान और पहनावे जैसे संवेदनशील मुद्दों पर जिम्मेदारी से बयान दें।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी इस बात से सहमति जताई कि देश में भाईचारा, आपसी सम्मान और शांति बनाए रखना आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है।