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पुराने लखनऊ में गूँजा जश्न का शोर: युद्ध विराम की घोषणा के बाद शिया पीजी कॉलेज में बांटी गई मिठाइयां

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लखनऊ। अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बाद युद्ध विराम की घोषणा ने दुनिया भर में राहत की लहर पैदा कर दी है। इसी कड़ी में, नवाबों के शहर लखनऊ के पुराने इलाके स्थित विक्टोरिया स्ट्रीट पर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। यहाँ शिया पीजी कॉलेज में ‘ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड’ की एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद बोर्ड के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने सड़क पर उतरकर अपनी खुशी का इजहार किया।

प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी में जश्न

बोर्ड की बैठक संपन्न होने के तुरंत बाद, ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ सदस्यों ने इस शांति समझौते का स्वागत किया। जश्न के दौरान समर्थकों ने ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई और मुज्तबा ख़ामेनेई की तस्वीरें हाथों में लेकर खुशी जताई

शांति और मानवता की जीत

सफेद लिबास और जोश से भरे चेहरों के बीच, बोर्ड के अध्यक्ष ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि यह केवल एक राजनीतिक समझौता नहीं, बल्कि मानवता की जीत है। उन्होंने कहा युद्ध कभी किसी समस्या का समाधान नहीं रहा। इस युद्ध विराम से बेगुनाह लोगों की जान बचेगी और मध्य पूर्व में स्थिरता आएगी। हम इस शांति पहल का तहे दिल से खैरमकदम करते हैं।

विक्टोरिया स्ट्रीट पर उमड़ी भीड़

बैठक के बाद कॉलेज परिसर से बाहर निकलते ही कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया। विक्टोरिया स्ट्रीट पर कुछ देर के लिए यातायात की गति धीमी हो गई क्योंकि बड़ी संख्या में लोग इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए एकत्रित हो गए थे समर्थकों का कहना था कि यह शांति वार्ता वैश्विक भाईचारे के लिए एक मिसाल पेश करेगी।

लखनऊ में चाँद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास नाकवी ने ईरान की जीत पर छोटे इमाम बाड़े में खुदा का शुक्र अदा किया। उनके साथ उलमा धर्मगुरु महिलाएं और बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे जहां दुआ और इबादत का सिलसिला चलता रहा।मौलाना ने कहा कि ये कामयाबी हम सबकी दुआओं का असर है अल्लाह ने हमारी फरियाद कबूल की और ईरान अपने मिशन में कामयाब हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका का बातचीत की ओर आना इस जीत का बड़ा संकेत है। उन्होंने हज़रत अली की बहादुरी को याद करते हुए कहा कि जैसे ख़ैबर में यहूदियों को धूल चटाई थी पहले वैसे ही आज भी हक़ कायम है।

साथ ही कर्बला की जंग का जिक्र करते हुए उन्होंने सब्र और कुर्बानी के पैगाम को दोहराया इस मौके पर नमाज़-ए-ज़ोहर के बाद दोपहर 1 बजे हुसैनाबाद स्थित छोटा इमामबाड़ा में मौलाना ने उलमा और मोमिनीन के साथ मिलकर शुक्र-ए-इलाही व शुक्र-ए-मोहम्मद व आले मोहम्मद अलैहिमुस्सलाम अदा की।कार्यक्रम में बच्चे नौजवान और अकीदतमंद बड़ी संख्या में शामिल हुए जहां जश्न और दुआओं का माहौल बना रहा।

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