
लखनऊ भीषण अग्निकांड: 2 बहनों की जिंदा जलकर मौत!
लखनऊ Live: लखनऊ में बुधवार शाम को लगी आग में 250 से ज्यादा झोपड़ियां राख हो गईं। 2 मासूम बहनें जिंदा जल गईं। इनमें एक 2 साल तो दूसरी 2 महीने की थी। गुरुवार सुबह घटनास्थल पर सिर्फ राख और जल चुका गृहस्थी का सामान नजर आया। बेघर हुए ये लोग राख में अपना सामान तलाश रहे हैं।
बेघर हुए कुछ परिवारों को अफसरों ने रात में ही रैन बसेरों में भेजा था, जबकि कुछ ने पास के खाली प्लॉट में रात बिताई। महिलाओं ने रोते हुए आरोप लगाया कि कोठीवालों ने उनकी झोपड़ियों में आग लगा दी। उन्हें पहले धमकाया गया था कि झोपड़ियां हटा लो, नहीं तो गोली मार दी जाएगी। हम नहीं हटे, तो झोपड़ियों में आग लगा दी।घटना के बाद का मंजर बेहद दर्दनाक है।
जले हुए घरों के बीच अब सिर्फ राख और टूटे हुए सामान के ढेर नजर आ रहे हैं। पीड़ित परिवार अपने ही आशियाने की राख में अपनी जिंदगी के बचे-खुचे निशान तलाश रहे हैं। कोई अपने बच्चों की किताबें ढूंढ रहा है, तो कोई शादी के गहनों या जरूरी कागजात की तलाश में राख को कुरेद रहा है। महिलाओं की आंखों में आंसू हैं और उनके शब्दों में गुस्सा भी साफ झलक रहा है। कई महिलाओं ने आरोप लगाया है कि पास की कोठियों में रहने वाले लोगों ने उनकी झोपड़ियों में आग लगवाई है। उनका कहना है कि पहले भी उन्हें यहां से हटाने की धमकियां दी गई थीं, और अब यह आग उसी साजिश का हिस्सा हो सकती है।

हालांकि, प्रशासन ने इन आरोपों की जांच शुरू कर दी है और फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है। दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जिन दो बहनों की जान गई, उनके परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
सरकार और स्थानीय प्रशासन की ओर से राहत कार्य शुरू कर दिए गए हैं। बेघर हुए परिवारों के लिए अस्थायी शिविर बनाए जा रहे हैं, जहां खाने-पीने और रहने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही, पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने की भी बात कही जा रही है। लेकिन जिन लोगों ने अपनी पूरी जिंदगी की जमा पूंजी इस आग में खो दी, उनके लिए यह मदद नाकाफी लग रही है।