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इतिहास का सबसे बड़ा हज2026!

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इतिहास का सबसे बड़ा हज2026!

HAJ 2026 LIVE : हर साल की तरह इस साल भी हज का मुक़द्दस सफर शुरू हो चुका है, लेकिन 2026 का हज कई मायनों में खास माना जा रहा है। खबरों के मुताबिक इस बार दुनिया भर से करीब 30 लाख यानी 3 मिलियन से ज्यादा लोग हज के लिए पहुंचे हैं। कहा जा रहा है कि हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम के दौर से लेकर आज तक इतनी बड़ी तादाद में लोगों का एक साथ जमा होना इतिहास के सबसे बड़े इज्तिमाओं में से एक माना जा रहा है। हर तरफ सिर्फ सफेद एहराम में लोग दिखाई दे रहे हैं, हर ज़ुबान पर “लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक” की सदाएं गूंज रही हैं और पूरा माहौल रूहानी नज़र आ रहा है।

हज इस्लाम के पांच अरकान में से एक है। हर उस मुसलमान पर जिंदगी में एक बार हज फर्ज है जो इसकी ताकत रखता हो। इसकी शुरुआत हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम और हज़रत इस्माईल अलैहिस्सलाम के दौर से मानी जाती है। जब अल्लाह के हुक्म से काबा शरीफ की तामीर की गई, तब से लोग यहां इबादत के लिए आते रहे हैं। मुसलमानों का मानना है कि काबा दुनिया का सबसे पहला इबादतगाह है और यही वजह है कि दुनिया भर के मुसलमान नमाज़ में इसी तरफ रुख करते हैं।
इस साल हज में सबसे ज्यादा चर्चा इंतिजामात की हो रही है। सऊदी अरब ने लाखों हाजियों के लिए जबरदस्त तैयारी की है। हर तरफ एयर कंडीशन टेंट लगाए गए हैं, मुफ्त पानी और खाने का इंतिजाम किया गया है, मेडिकल टीम 24 घंटे मौजूद है और भीड़ को संभालने के लिए हजारों सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। गर्मी को देखते हुए जगह-जगह ठंडे पानी के स्प्रे और शेड्स लगाए गए हैं ताकि हाजियों को परेशानी ना हो। टेक्नोलॉजी का भी खूब इस्तेमाल हो रहा है। मोबाइल ऐप, डिजिटल कार्ड और स्मार्ट निगरानी सिस्टम के जरिए लोगों को रास्ता दिखाया जा रहा है।

हज का सबसे अहम दिन “यौमे अरफा” यानी अराफात का दिन माना जाता है। अराफात का मैदान मक्का से कुछ दूरी पर है और यही वो जगह है जहां हज़रत मोहम्मद ﷺ ने अपना आखिरी खुत्बा दिया था। इस मैदान की बहुत बड़ी अहमियत है। कहा जाता है कि अगर कोई हाजी अराफात के मैदान में तय वक्त पर नहीं पहुंचा तो उसका हज पूरा नहीं माना जाता। इस दिन लाखों लोग एक साथ अल्लाह से दुआ करते हैं, अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं और पूरी इंसानियत के लिए अमन की दुआ करते हैं। कई लोग कहते हैं कि अराफात का मंज़र ऐसा होता है जैसे कयामत के दिन पूरी इंसानियत एक मैदान में जमा हो गई हो।
मुसलमानों के लिए हज सिर्फ एक सफर नहीं बल्कि जिंदगी बदल देने वाला एहसास होता है। यहां अमीर-गरीब, राजा-फकीर सब एक जैसे कपड़े पहनते हैं। किसी की पहचान उसके पैसे या ओहदे से नहीं होती, बल्कि सिर्फ इंसानियत और इबादत से होती है। यही इस्लाम का सबसे बड़ा पैगाम भी माना जाता है कि सभी इंसान बराबर हैं।
इस बार इतनी बड़ी तादाद में लोगों के आने की वजह से सुरक्षा और सफाई पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। हजारों बसें, ट्रेनें और मेडिकल सेंटर लगातार काम कर रहे हैं। सऊदी हुकूमत का कहना है कि हर हाजी की सुरक्षा उनकी पहली जिम्मेदारी है। दुनिया भर के मुस्लिम मुल्क भी अपने हाजियों की मदद के लिए टीमें भेज रहे हैं।

 

 

 

 

 

जब दुनिया में कई जगह जंग, नफरत और तनाव की खबरें चल रही हैं, ऐसे वक्त में हज का ये मंज़र इंसानियत और एकता का पैगाम देता है। अलग-अलग देशों, रंगों और भाषाओं के लोग एक साथ सिर्फ अल्लाह की इबादत के लिए जमा होते हैं। यही हज की सबसे बड़ी खूबसूरती है।
आखिर में यही कहा जा सकता है कि 2026 का हज सिर्फ तादाद की वजह से खास नहीं है, बल्कि इसकी रूहानियत, इंतिजाम और दुनिया भर के मुसलमानों के जज़्बे ने इसे यादगार बना दिया है। अराफात से लेकर काबा तक हर तरफ दुआएं हैं, आंसू हैं और अल्लाह की रहमत की उम्मीद है

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