
यूपी/लखनऊ के हजरतगंज स्थित अम्बेडकर महासभा का स्थानांतरण बहुजन समाज को स्वीकार नहीं! ये भाजपा सरकार की घटिया सोच का निर्णय है* ! जिसमें बाबा साहब की अस्थि कलश स्थापित है ! करोड़ो- करोड़ों बहुजन समाज की भावनाएँ आहत हो रही है! योगी सरकार द्वारा बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी के अस्थि कलश के स्थानांतरण का निर्णय अत्यंत निंदनीय एवं बहुजन समाज की भावनाओं के विरुद्ध है

जैसा कि सर्वविदित है, संविधान निर्माता, भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी का अस्थि कलश हजरतगंज स्थित विधानसभा भवन के सामने स्थापित है ! यह स्थल करोड़ों अनुयायियों की आस्था, सम्मान, स्वाभिमान और भावनात्मक जुड़ाव का केंद्र है किन्तु योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा बाबा साहब के अस्थि कलश को वहां से हटाकर ऐशबाग स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है ! यह कदम बहुजन समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है !

विधानसभा भवन के सामने स्थित इस ऐतिहासिक एवं भावनात्मक स्थल से अस्थि कलश को हटाना केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संविधानिक चेतना के प्रतीकों की उपेक्षा का संकेत देता है!आगे भारती ने कहा एक ओर भाजपा के प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 14 अप्रैल को अम्बेडकर जयंती तथा 6 दिसंबर को महापरिनिर्वाण दिवस पर बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, वहीं दूसरी ओर अम्बेडकर महासभा में स्थापित अस्थि कलश को हटाने का निर्णय सरकार के दोहरे चरित्र को उजागर करता है! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बाबा साहब के सम्मान की बातें की जाती है, लेकिन बहुजन समाज की आस्था से जुड़े ऐसे महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार की संवेदनशीलता दिखाई नहीं देती

प्रश्न यह है कि यदि सरकार वास्तव में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी के विचारों, संघर्षों और योगदान का सम्मान करती है, तो उनके अम्बेडकर महासभा में स्थापित अस्थि कलश को विधानसभा भवन के सामने से हटाने की आवश्यकता क्यों पड़ी? इससे यह स्पष्ट संदेश जाता है कि भाजपा का अम्बेडकर प्रेम केवल प्रतीकात्मक और राजनीतिक लाभ तक सीमित है! बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी केवल एक महान व्यक्तित्व नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता, मानवाधिकार, लोकतंत्र और संविधानिक मूल्यों के जीवंत प्रतीक हैं!उनके अस्थि कलश को इस प्रकार स्थानांतरित करना करोड़ों दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों, वंचितों और संविधान समर्थक लोगों की भावनाओं को आहत करने वाला कदम है ।

भारती ने कहा कि समाजवादी पार्टी इस निर्णय की कड़ी निंदा करती है ! यह कदम सरकार की संवेदनहीनता तथा संविधानिक मूल्यों के प्रति उसकी उदासीन मानसिकता को उजागर करता है समाजवादी पार्टी सरकार से मांग करती है कि बहुजन समाज की भावनाओं का सम्मान किया जाये तथा इस विषय पर स्पष्ट एवं संतोषजनक जवाब दिया जाये ! यदि सरकार ने इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया, तो समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी!

हम स्पष्ट कहना चाहते हैं कि बहुजन समाज अपने सम्मान, स्वाभिमान और बाबा साहब के प्रति किसी भी प्रकार की उपेक्षा बर्दास्त नहीं करेगा ! वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और योगी सरकार को इस अपमान का राजनीतिक एवं सामाजिक खामियाजा अवश्य भुगतना पड़ेगा!
यह जानकारी सपा बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय महासचिव रामबाबू भारती “सुदर्शन” ने दी।