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भारत में यूनेस्को चेयर ऑन ग्लोबल हेल्थ एंड एजुकेशन ने उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य शिक्षा पहल का स्वागत किया

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Press Release

भारत में यूनेस्को चेयर ऑन ग्लोबल हेल्थ एंड एजुकेशन ने उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य शिक्षा पहल का स्वागत किया

नई दिल्ली/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को “एक स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम” उठाने के लिए धन्यवाद देते हुए, यूनेस्को चेयर ऑन ग्लोबल हेल्थ एंड एजुकेशन में भारत के राष्ट्रीय प्रतिनिधि तथा तरंग हेल्थ अलायंस के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राहुल मेहरा ने सोमवार को राज्य सरकार द्वारा ‘माय हेल्थ वर्ल्ड’ और ‘ईट राइट इंडिया’ जैसी संरचित स्वास्थ्य शिक्षा सामग्री को सरकारी विद्यालयों में शामिल करने के निर्णय का स्वागत किया।

डॉ. मेहरा ने इसे विद्यालयी शिक्षा में अनिवार्य स्वास्थ्य शिक्षा को शामिल करने के अभियान का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों से तरंग हेल्थ अलायंस इस सुधार की वकालत करता रहा है और विद्यालयों में अपने कार्यक्रमों के माध्यम से इसके सकारात्मक प्रभाव भी प्रदर्शित कर चुका है।

उन्होंने कहा, “यह हमारे लिए गर्व और संतोष का विषय है। वर्षों से हम नीति-निर्माताओं से आग्रह करते रहे हैं कि स्वास्थ्य शिक्षा को गणित, विज्ञान और भाषाओं की तरह ही बुनियादी महत्व दिया जाए। पिछले एक वर्ष में हमने केवल इसकी वकालत ही नहीं की, बल्कि विद्यालयों में अपने कार्य के माध्यम से यह भी दिखाया कि संरचित स्वास्थ्य शिक्षा बच्चों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाती है और उनके स्वास्थ्य परिणामों में सुधार करती है। उत्तर प्रदेश का यह निर्णय इस अभियान के लिए नई ऊर्जा लेकर आया है। यह वर्षों की हमारी वकालत को मजबूती देता है और हमारे इस विश्वास को पुष्ट करता है कि स्वास्थ्य शिक्षा को पूरे भारत में विद्यालयी शिक्षा का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाना चाहिए। मैं इस दूरदर्शी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई देता हूं।”

डॉ. मेहरा ने कहा कि स्वास्थ्य शिक्षा को कक्षा शिक्षण, प्रार्थना सभा, बाल सभा, अभिभावक-शिक्षक बैठकों और स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रमों का हिस्सा बनाना इस बात का प्रमाण है कि अच्छा स्वास्थ्य केवल स्वास्थ्य क्षेत्र का विषय नहीं बल्कि शिक्षा का भी मूल आधार है। उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि बच्चों के व्यवहार में स्थायी परिवर्तन लाना है। जब बच्चे स्वस्थ आदतें अपनाते हैं, तो वे जीवनभर उनके साथ रहती हैं।”

तरंग हेल्थ अलायंस ने वर्ष 2024-25 के दौरान दिल्ली-एनसीआर, चंडीगढ़ ट्राइसिटी और जयपुर के 30 विद्यालयों में व्यापक स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम लागू किए हैं, जिनसे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य संबंधी व्यवहार में सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। डॉ. मेहरा ने आशा व्यक्त की कि उत्तर प्रदेश की यह पहल अन्य राज्यों को भी प्रेरित करेगी कि वे अपने एससीईआरटी पाठ्यक्रम और विद्यालयी व्यवस्था में व्यापक स्वास्थ्य शिक्षा को शामिल करें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सामूहिक प्रयास भारत की मानव पूंजी को सशक्त बनाएंगे और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को गति देंगे।

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