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MSP बढ़ी, लेकिन टिकैत क्यों नाराज़?

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MSP बढ़ी, लेकिन टिकैत क्यों नाराज़?

 

UTTAR PRADESH LIVE:उत्तर प्रदेश सरकार ने मक्का किसानों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने प्रदेश में मक्का की खरीद के लिए 150 क्रय केंद्र स्थापित करने और समर्थन मूल्य यानी एमएसपी बढ़ाने का ऐलान किया है। सरकार का दावा है कि इस फैसले से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और उन्हें बाजार में होने वाले नुकसान से राहत मिलेगी। लेकिन इस घोषणा के बाद किसान संगठनों ने सरकार की नीति पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सरकार के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केवल एमएसपी बढ़ा देने से किसानों की समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार किसानों की फसल खरीदने की कानूनी और व्यावहारिक गारंटी नहीं देती, तब तक समर्थन मूल्य का लाभ जमीन पर दिखाई नहीं देगा। टिकैत का कहना है कि किसान अपनी फसल एमएसपी पर तभी बेच पाएंगे जब सरकार बड़े पैमाने पर खरीद सुनिश्चित करे।

राकेश टिकैत ने दावा किया कि देश में मक्का का उत्पादन पर्याप्त मात्रा में हो रहा है, इसके बावजूद विदेशों से मक्का आयात की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों के किसान बड़ी मात्रा में मक्का पैदा कर रहे हैं तो फिर बाहर से मक्का मंगाने की जरूरत क्यों पड़ रही है। उनके अनुसार, इससे देश के किसानों को नुकसान पहुंचता है और बाजार में उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पाता।

टिकैत ने कहा कि किसानों की सबसे बड़ी चिंता अपनी उपज की बिक्री को लेकर है। कई बार सरकार एमएसपी घोषित कर देती है, लेकिन खरीद केंद्रों पर पर्याप्त खरीद नहीं होती। ऐसे में किसान मजबूरी में अपनी फसल व्यापारियों को कम कीमत पर बेच देते हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार केवल घोषणा करने तक सीमित न रहे, बल्कि खरीद की पूरी व्यवस्था को प्रभावी बनाए ताकि किसानों को वास्तविक लाभ मिल सके।

वहीं सरकार का कहना है कि 150 क्रय केंद्रों की स्थापना से किसानों को अपनी उपज बेचने में आसानी होगी और खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे मक्का उत्पादक किसानों की आय बढ़ेगी और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

फिलहाल मक्का की खरीद और एमएसपी को लेकर सरकार और किसान संगठनों के बीच बहस तेज हो गई है। एक ओर सरकार अपनी योजना को किसान हित में बड़ा कदम बता रही है, तो दूसरी ओर किसान नेता खरीद की गारंटी को सबसे बड़ा मुद्दा बता रहे हैं। अब देखना होगा कि आने वाले समय में यह योजना किसानों के लिए कितनी कारगर साबित होती है और क्या किसानों की मांगों पर सरकार कोई नया कदम उठाती है।

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