
मिडिल ईस्ट में बढ़ा युद्ध का खतरा! अमेरिकी हमलों से भड़का ईरान
INDIA LIVE: मध्य पूर्व में एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष लगातार खतरनाक होता जा रहा है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, भारतीय समयानुसार 16 जुलाई की तड़के करीब 3:30 बजे अमेरिका ने लगातार पांचवें दिन ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर बड़ा हमला किया। अमेरिकी सेना ने करीब 90 मिनट तक हवाई कार्रवाई की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि इस अभियान में ईरान के तटीय रक्षा ठिकानों, मिसाइल लॉन्च साइटों और सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया, जिनमें ग्रेटर टुंब द्वीप और अन्य रणनीतिक इलाके भी शामिल थे।
रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों के दौरान ईरान के कई सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा। वहीं ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि हमलों में कई लोगों की मौत हुई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। हालांकि दोनों देशों की ओर से सामने आ रहे दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। यही वजह है कि दुनिया भर की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है।
अमेरिकी कार्रवाई के कुछ ही समय बाद ईरान ने भी जवाबी हमला करने का दावा किया। ईरान का कहना है कि उसने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया। कई जगह एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय किए गए और सायरन भी बजाए गए। हालांकि इन हमलों से हुए नुकसान को लेकर अलग-अलग देशों की ओर से अलग-अलग जानकारी सामने आ रही है।
इस पूरे संघर्ष के बीच सबसे ज्यादा चिंता हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ गई है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्गों में से एक है। ईरान ने इसे अपनी “रेड लाइन” बताते हुए चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमले जारी रहे तो वह कड़ा जवाब देगा। यदि इस मार्ग पर आवाजाही प्रभावित होती है, तो इसका असर पूरी दुनिया में तेल की कीमतों और ईंधन आपूर्ति पर पड़ सकता है।
उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कड़ा रुख अपनाया है। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने कहा है कि यदि ईरान अपनी कार्रवाई नहीं रोकता, तो अमेरिका आगे भी सैन्य अभियान जारी रख सकता है। इसी बीच क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना और सैन्य गतिविधियां भी बढ़ा दी गई हैं। इससे यह आशंका और गहरी हो गई है कि अगर तनाव कम नहीं हुआ, तो यह संघर्ष और बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।
फिलहाल पूरी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान की अगली चाल पर है। संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। आने वाले कुछ दिन तय करेंगे कि यह संकट कूटनीति से सुलझेगा या फिर मध्य पूर्व एक और बड़े युद्ध की ओर बढ़ेगा।