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कानपुर में CA पर जानलेवा हमला, जहरीली चाय पिलाने का आरोप

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कानपुर में CA पर जानलेवा हमला, जहरीली चाय पिलाने का आरोप

INDIA LIVE: मेरी पत्नी सरकारी हॉस्पिटल में लैब टेकनीशियन है। वह मुझे और मेरे परिवार को मारना चाहती है। क्राइम पेट्रोल देखकर वह हत्या करने के आइडिया ले रही है। वह पिछले एक साल से हम लोगों को चाय में जहर मिलाकर पिला रही है।

शक होने पर मैंने घर में हिडन कैमरे लगवा दिए। इसमें वह चाय में जहर मिलाते हुए कैद हो गई। जब मैंने पत्नी और उसके घरवालों से शिकायत की तो मुझ पर दहेज का केस दर्ज करवा दिया।

यह शिकायत कानपुर के रहने वाले CA हिमांशु ने पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल से 23 जुलाई को शिकायत की। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज, डॉक्टर की रिपोर्ट सौंपी। रावतपुर पुलिस ने 25 जुलाई को मामले में आरोपी पत्नी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।

मां-पिता को खून की उल्टियां हुईं तो शक हुआ

रावतपुर थाना क्षेत्र के गणेश नगर निवासी हिमांशु गुप्ता पुणे में रहकर अकाउंटेंट की जॉब करते हैं। उनके परिवार मे पिता अनिल कुमार गुप्ता, मां राधा गुप्ता हैं। हिमांशु की शादी 30 जनवरी 2024 को चकेरी के सनिगंवनिवासी ज्योति गुप्ता से हुई थी। ज्योति वर्तमान मे चौबेपुर एक हॉस्पिटल मे लैब टेकनीशियन है।

ज्योति के परिवार में उसका भाई शुभम गुप्ता और तीन बहनें हैं। ज्योति बहनों में सबसे छोटी है। शादी के कुछ समय बाद ही ज्योति के पिता की बीमारी से मौत हो गई। शादी के 6 महीने बाद ही उसका बर्ताव बदल गया। वह मेरी मां को उनके नाम से बुलाने लगी।

चाय में मौत की साज़िश

लड़ाई-झगड़ा करने लगी। इसी दौरान मेरी मां कि तबियत बिगड़ने लगी। उनके सीने में दर्द, खून की उल्टियां होना शुरू हो गईं। सर दर्द रहने लगा और कमजोरी लगने लगी।

फिर मेरे पिता बीमार हो गए। उनमें भी सेम सिमटम्स थे। डॉक्टर को दिखाया तो दोनों लोगों की सेम रिपोर्ट आई। डॉक्टर ने बताया कि रासायनिक पदार्थ खाने से ऐसा हो रहा है। एक दिन मुझे भी खून की उल्टियां हुईं। फिर मुझे शक हुआ।

कैमरे में चाय में कुछ मिलाते हुए कैद हुई

हिमांशु ने बताया कि मैं पुणे में था। 1 जुलाई 2025 को मेरी मां ने मुझे फोन किया। उन्होंने बताया कि मैंने ज्योति को चाय में कुछ मिलाते हुए देखा। जब मैंने उससे पूछा तो उसने बताया कि रिश्ते अच्छे रहें इसलिए इलायची मिलाई है।

ज्याति ने सभी को चाय दी। मगर उसने खुद चाय नहीं पी। हम लोगों ने उसे फोर्स किया, मगर उसने नहीं पी। बताया कि वह पूरा दिन मोबाइल पर क्राइम पेट्रोल सीरियल देखती रहती है। जब मेरी मां ने यह सीरियल देखने से मना किया तो वह लड़ने लगी।

जब मुझे मेरी मां ने यह सब बताया तो फिर मैंने अगस्त महीने में किचन और कमरों में हिडेन कैमरे लगवा दिए।

कैमरे में वह चाय में जहर मिलाते हुए कैद हो गई। कैमरे दिखा कि वह किचन में चाय बना रही थी। तभी उसने कागज की पुड़िया निकाली और चाय में डाल दी। इसी तरह वह लगातार करीब 20 दिन ऐसा करते हुए दिखाई दी। रूम फ्रेशनर में भी वह सीरींज से कुछ मिलाते हुए कैद हुई।

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