
पार्षद का बड़ा दावा: 8 सफाईकर्मी ऐसे, जिन्हें कभी नहीं देखा
INDIA LIVE: कानपुर के वार्ड-27 नानकारी में नालियां चोक और कूड़े के ढेर जगह-जगह नजर आते हैं। वार्ड के इन हालातों पर BJP पार्षद ने चौंकाने वाला दावा किया है। उनका कहना है कि वार्ड में तैनात 23 में से 8 सफाईकर्मी ऐसे हैं, जिन्हें उन्होंने आज तक देखा ही नहीं। जबकि उनकी सेलरी हर महीने निकल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वार्ड में सफाईकर्मी यदा-कदा ही नजर आते हैं। उन्हें बुलाओ तो पैसा मांगते हैं।

दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा के दौरान लोगों ने सुविधाओं के मामले में वार्ड की हालत गांव से भी बदतर बताई है। यहां की तस्वीरें भी इसी बात की तस्दीक करती हैं। सड़कें कच्ची हैं। नालियां जाम हैं। कूड़े के ढेर लगे हैं। बांस-बल्लियों के सहारे बिजली के तार खींचे गए हैं।
नई बस्ती की कई गलियां आज तक बिना सड़क के मिलीं। सड़क किनारे कई दिनों से पड़ा कूड़ा और गंदगी बदहाल सफाई व्यवस्था की तस्वीर पेश करती मिली। नालियां और नाले गंदगी से चोक थे, जिससे जलनिकासी प्रभावित नजर आई। वहीं कई जगह बांस-बल्ली के सहारे बिजली के तार लटकते मिले और स्ट्रीट लाइटें बंद होने से रात में अंधेरा पसरा रहता है।

रेंगने वाले कीड़ों की मौजूदगी वार्ड-29 ओमपुरवा के लोगों की जिंदगी नरक बना रही है। हर साल के तीन महीने यही तकलीफ दर्जनों परिवारों को झेलनी पड़ती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक ये कीड़े सेना के फार्म क्षेत्र से निकलकर बस्ती तक पहुंचते हैं। दीवारों, बिस्तरों व कमरों में फैल जाते हैं। दुर्गंध इतनी तेज होती है कि लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो जाता है। स्वास्थ्य विभाग कई बार दवा और चूने का छिड़काव करा चुका है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

कीड़ों की समस्या वार्ड के आनंद नगर मोहल्ले में है। इसके अलावा वार्ड के अधिकांश हिस्से में जर्जर सड़कें, खराब स्ट्रीट लाइट, खाली प्लॉटों में कूड़े के ढेर और बदहाल पार्क भी लोगों की बड़ी परेशानियां हैं। उधर, पार्षद का कहना है कि नगर आयुक्त से दुखी हूं। उन्हें स्थाई समाधान करना चाहिए। निगम के अफसर भी लापरवाही करते हैं।