
खड़गे बोले- 12 साल में सवा लाख छात्रों ने की आत्महत्या
INDIA LIVE: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में दावा किया कि पीएम मोदी के 12 साल के कार्यकाल में सवा लाख छात्रों ने सुसाइड किया है। खड़गे ने कहा- 12 साल में पहली बार शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हुआ।
सरकार ने पेपर लीक और प्रदर्शन के दौरान छात्रों की बात नहीं सुनी। बाद में जेपी नड्डा ने उन्हें बुलाया। ये पहले हो गया होता तो छात्रों को लाठी नहीं खानी पड़ती।
खड़गे ने कहा- पेपर लीक से जुड़े पब्लिक एग्जामिनेशन (अनफेयर मीन्स की रोकथाम) संशोधन बिल में कुछ नया नहीं है। सिर्फ आंकड़े बदले हैं। इससे कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है। पेपर चुराने वाले बचते रहेंगे। छात्र पिटते रहेंगे।

इससे पहले, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में पेपर लीक से जुड़ा बिल पेश किया। लोकसभा में बुधवार को करीब 7 घंटे बहस के बाद पेपर लीक से जुड़ा बिल पारित हुआ था।
खड़गे बोले- शाह जवाब नहीं दे सकते तो इस्तीफा दें; 5 बड़ी बातें
1. सरकार दबाव में झुकी: सरकार को छात्रों के आंदोलन और जनदबाव के आगे झुकना पड़ा। धर्मेंद्र प्रधान को हटाना और संशोधन बिल लाना छात्रों के हित में नहीं, बल्कि सरकार की कुर्सी बचाने की मजबूरी थी।
2. सिर्फ सजा बढ़ाने से नहीं रुकेगा पेपर लीक: जुर्माना 1 करोड़ से 10 करोड़ करना, सजा कड़ी करना, स्पेशल टास्क फोर्स और फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाना पर्याप्त नहीं है। असली जरूरत परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने की है।
3. 152 परीक्षाओं के पेपर लीक: कुछ सालों में 152 परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, लेकिन किसी दोषी को सजा नहीं मिली। NTA के कई पद खाली हैं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के बजाय RSS से जुड़े लोगों की नियुक्तियां की जा रही हैं।
4. अमित शाह जवाब दें: शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। अगर गृह मंत्री अमित शाह इस पर जवाब नहीं दे सकते तो इस्तीफा दें।
5. शूद्र वाले बयान पर हंगामा: नए सिलेबस में ऐसे संदर्भ जोड़े जा रहे हैं, जिनमें शूद्रों के वेदपाठ सुनने या बोलने पर कठोर दंड का उल्लेख है। उन्होंने कहा कि ऐसी सोच रखने वालों को शिक्षा व्यवस्था से बाहर किया जाना चाहिए। इस बयान पर सत्ता पक्ष ने जोरदार हंगामा किया।