
मुकेश अंबानी vs सुभाष चंद्र! कारोबार में छिड़ी बड़ी जंग
AMBANI vs SUBHASH CHANDRA LIVE: देश के दो बड़े कारोबारी समूहों के बीच विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्र ने रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि रिलायंस से जुड़े कुछ मीडिया संस्थानों के जरिए उनके और उनके ग्रुप के खिलाफ गलत खबरें और गलत माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने सीधे तौर पर मुकेश अंबानी से इस कथित अभियान को रोकने की अपील भी की है।
दरअसल, यह पूरा विवाद सुभाष चंद्र से जुड़े एनसीएलटी मामले को लेकर शुरू हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में करीब 22 हजार करोड़ रुपये के दावे सामने आए हैं। वहीं एनसीएलटी की ओर से मंजूर समाधान योजना में करीब 6.5 करोड़ रुपये की रकम का प्रावधान बताया गया है। सुभाष चंद्र का कहना है कि 22 हजार करोड़ रुपये को इस तरह पेश किया जा रहा है, जैसे यह रकम उन्होंने खुद व्यक्तिगत तौर पर उधार ली थी। उनका कहना है कि इन दावों का संबंध उन कंपनियों के कर्ज से है, जिनके लिए उन्होंने व्यक्तिगत गारंटी दी थी।
सुभाष चंद्र ने इसी मामले की मीडिया रिपोर्टिंग पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि रिलायंस से जुड़े कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म ने उनके मामले को इस तरह पेश किया, जिससे लोगों के बीच उनके खिलाफ गलत धारणा बन सकती है। उन्होंने मुकेश अंबानी को संबोधित करते हुए कहा कि उनके और उनके ग्रुप के खिलाफ कथित गलत प्रचार बंद होना चाहिए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
इस विवाद में पुराने कारोबारी घटनाक्रम का भी जिक्र हो रहा है। सुभाष चंद्र ने Zee और Invesco से जुड़े पुराने विवाद को भी उठाया है। उनका आरोप है कि उस समय रिलायंस की ओर से Zee में नियंत्रण हासिल करने की कोशिश की गई थी। वहीं रिलायंस और Zee के बीच संभावित कारोबारी सौदे को लेकर पहले बातचीत की बात सामने आ चुकी है, लेकिन वह सौदा आगे नहीं बढ़ पाया।
इसके बाद Zee और Sony के बीच भी मर्जर की योजना बनी थी। यह डील लंबे समय तक चर्चा में रही, लेकिन जनवरी 2024 में Sony ने इसे खत्म कर दिया था। अब सुभाष चंद्र ने अपने ताजा बयान में पुराने विवादों का जिक्र करते हुए मौजूदा एनसीएलटी मामले की मीडिया कवरेज पर भी सवाल खड़े किए हैं।

अब बात करते हैं रिलायंस के जवाब की। सुभाष चंद्र के आरोप सामने आने के बाद रिलायंस समूह ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। रिलायंस ने इन्हें बेबुनियाद बताया और कहा कि उसके मीडिया संस्थानों का इस्तेमाल किसी व्यक्ति को निशाना बनाने के लिए कभी नहीं किया गया और न ही भविष्य में किया जाएगा। कंपनी ने यह भी कहा कि वह सुभाष चंद्र को एक कारोबारी और उद्यमी के तौर पर सम्मान देती है।
यानी इस समय दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। एक तरफ सुभाष चंद्र मीडिया कवरेज और पुराने कारोबारी विवादों को लेकर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ रिलायंस इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रहा है। इसलिए इस पूरे मामले में कौन-सा दावा सही है, इसका फैसला तथ्यों और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
फिलहाल यह विवाद इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें देश के बड़े कारोबारी समूह, मीडिया संस्थान और एनसीएलटी से जुड़ा मामला शामिल है। करीब 22 हजार करोड़ रुपये के दावों और करीब 6.5 करोड़ रुपये की समाधान राशि के बीच का बड़ा अंतर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ कर्जदाताओं ने इस समाधान को चुनौती देने की तैयारी की है, इसलिए मामला आगे भी कानूनी तौर पर जारी रह सकता है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि यह कारोबारी विवाद आगे किस दिशा में जाता है। क्या दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और बढ़ेंगे, या फिर कानूनी प्रक्रिया के जरिए इस पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी? फिलहाल सुभाष चंद्र के आरोपों के बाद रिलायंस का जवाब भी सामने आ चुका है और दोनों पक्षों की बातें सार्वजनिक हो गई हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले पर और भी प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।