
भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का सपना हुआ साकार।
भारत हाई-स्पीड रेल तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग लगाने की तैयारी कर रहा है। देश की पहली स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेन B-28 का निर्माण सरकारी कंपनी BEML द्वारा किया जा रहा है। इसके लिए चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) ने BEML को ₹866.87 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट दिया है।
इस परियोजना के तहत दो हाई-स्पीड ट्रेनसेट तैयार किए जाएंगे। प्रत्येक ट्रेनसेट में 8 कोच होंगे और इसकी डिजाइन स्पीड करीब 280 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है। ट्रेन 250 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से परिचालन के लिए विकसित की जा रही है।
बेंगलुरु में तैयार हो रही B-28
BEML ने इन स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेनसेट के निर्माण के लिए बेंगलुरु में ‘आदित्य’ हाई-स्पीड रेल कॉम्प्लेक्स तैयार किया है। ट्रेन में एयर-कंडीशंड चेयर-कार, रिक्लाइनिंग सीटें, ऑनबोर्ड इंफोटेनमेंट और दिव्यांग यात्रियों के लिए सुविधाएं शामिल होंगी।
मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर पर दौड़ने की तैयारी
रेल मंत्रालय के अनुसार भारत में निर्मित B-28 को मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर चलाने की योजना है। मार्च 2027 तक पहला प्रोटोटाइप तैयार करने और उसके बाद परीक्षण की दिशा में काम चल रहा है। मंत्रालय ने अगस्त 2027 में सूरत-वापी सेक्शन पर B-28 के संचालन की दिशा में प्रयासों का उल्लेख किया है।
यह परियोजना भारत के Make in India और आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेन तकनीक के सफल विकास से भविष्य में देश में बुलेट ट्रेनसेट के निर्माण की क्षमता और मजबूत हो सकती है।
मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर पर दौड़ने की तैयारी
रेल मंत्रालय के अनुसार भारत में निर्मित B-28 को मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर चलाने की योजना है। मार्च 2027 तक पहला प्रोटोटाइप तैयार करने और उसके बाद परीक्षण की दिशा में काम चल रहा है। मंत्रालय ने अगस्त 2027 में सूरत-वापी सेक्शन पर B-28 के संचालन की दिशा में प्रयासों का उल्लेख किया है।
यह परियोजना भारत के Make in India और आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेन तकनीक के सफल विकास से भविष्य में देश में बुलेट ट्रेनसेट के निर्माण की क्षमता और मजबूत हो सकती है।