
लखनऊ में ई-रिक्शा की बेलगाम संख्या पर हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को फटकारा
HIGH COURT VERDICT’S ON E RICKSHAW इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के निर्देशों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने ई-रिक्शों की बिक्री और पंजीकरण को नियंत्रित करने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 65 में संशोधन करने का प्रस्ताव भेजा है
- हाईकोर्ट की सख्ती: कोर्ट ने लखनऊ जैसे बड़े शहरों में बेकाबू ई-रिक्शों की संख्या और उससे लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम पर गहरी चिंता जताई थी।
- सरकार की पहल: कोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बाद परिवहन आयुक्त द्वारा गठित समिति की सिफारिश पर यह कदम उठाया गया है।
- नियम संशोधन की मांग: केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है कि राज्यों को ई-रिक्शा की बिक्री और पंजीयन सीमित करने का कानूनी अधिकार दिया जाए।
- अवैध संचालन पर रोक: परिवहन विभाग ने लखनऊ पुलिस कमिश्नर को बिना वैध दस्तावेजों और अनफिट ई-रिक्शों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं