
लखनऊ: डॉक्टर्स एसोसिएशन ऑफ क्लासिकल होम्योपैथी (DACH) ने ‘जीनोम’ के सहयोग से लखनऊ के होटल वैभव इन में क्लासिकल होम्योपैथी पर एकदिवसीय ज्ञानवर्धक सत्र का सफल आयोजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. किरण दास (सीएमएस, लखनऊ मंडल) ने दीप प्रज्वलित कर किया

सुबह 10 बजे से शाम 4:30 बजे तक चले इस सत्र में होम्योपैथी चिकित्सकों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शास्त्रीय होम्योपैथी के मूल सिद्धांतों और वर्तमान स्वास्थ्य संदर्भ में इसकी प्रासंगिकता पर विचार-विमर्श करना था

सत्र के दौरान दो प्रमुख विषयों ट्यूबरकुलिनम एवं ट्यूबरकुलर डायथेसिस तथा होम्योपैथी के पीछे का विज्ञान: एपिजेनेटिक्स पर विस्तृत प्रस्तुतियां दी गईं। मुख्य वक्ता डॉ. नितिन के. मौर्य और डॉ. स्वतंत्र पी. गंगवार ने होम्योपैथिक दर्शन, दीर्घकालिक (क्रॉनिक) बीमारियों के पैटर्न और एपिजेनेटिक्स के साथ इसके वैज्ञानिक संबंधों पर विचार साझा किए

संवादात्मक माहौल में प्रतिभागियों ने वक्ताओं से प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं को शांत किया। आयोजकों ने सभी के लिए अल्पाहार व भोजन की व्यवस्था भी की थी। सत्र का समापन क्लासिकल होम्योपैथी के क्षेत्र में निरंतर अकादमिक संवाद, शोध और ज्ञान-साझाकरण को बढ़ावा देने के संकल्प के साथ हुआ।