
जंतर-मंतर पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन, अखिलेश यादव ने SIR को लेकर उठाए सवाल
INDIA LIVE:जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के बीच उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का बड़ा बयान सामने आया है।
चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। इसी बीच ज्ञानेश कुमार को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की जा रही है। प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई और कई इलाकों में आवाजाही को लेकर पाबंदियां लगाई गईं।
इस पूरे मामले के बीच अखिलेश यादव ने भी चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी है। समाजवादी पार्टी पहले से ही SIR की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाती रही है। अखिलेश यादव का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े किसी भी बदलाव में पारदर्शिता और सभी योग्य मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा जरूरी है।

वहीं दूसरी तरफ चुनाव आयोग का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और अपात्र या डुप्लीकेट नामों को हटाना है। आयोग ने प्रक्रिया से जुड़े राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि फैसले आयोग की प्रक्रिया के तहत लिए गए हैं।
जंतर-मंतर का यह प्रदर्शन ऐसे समय पर हुआ है, जब SIR को लेकर देश की राजनीति में बहस तेज है। विपक्षी दलों और कई संगठनों की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग अपनी प्रक्रिया का बचाव कर रहा है।
अब अखिलेश यादव के बयान और जंतर-मंतर के प्रदर्शन के बाद यह मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी और चर्चा में आ सकता है। आने वाले दिनों में SIR और मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक दलों की ओर से और बयान सामने आने की संभावना है।
फिलहाल सबकी नजर इस बात पर है कि चुनाव आयोग और सरकार की ओर से इन विरोध प्रदर्शनों और विपक्ष की मांगों पर क्या प्रतिक्रिया आती है और SIR को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।