
अखिलेश यादव से अब्बास अंसारी की मुलाकात, बढ़ी हलचल
INDIA LIVE : राज्यसभा चुनाव के बीच उत्तर प्रदेश की सियासत में एक और बड़ी हलचल देखने को मिली है। सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की है। लखनऊ में हुई इस मुलाकात के बाद राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
अब्बास अंसारी और अखिलेश यादव के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है, जब समाजवादी पार्टी राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए जरूरी संख्या जुटाने की कोशिश में लगी हुई है। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच आखिर किस मुद्दे पर बातचीत हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
दरअसल, उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है। समाजवादी पार्टी ने दो उम्मीदवारों के नाम पहले ही घोषित कर दिए हैं। प्रोफेसर रामगोपाल यादव और धनराज नथवानी अपना नामांकन दाखिल कर चुके हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सपा तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारती है या नहीं।
इसी बीच अब्बास अंसारी का अखिलेश यादव से मिलना इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अब्बास अंसारी इस समय सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के विधायक हैं और सुभासपा सरकार में भाजपा की सहयोगी है। अब्बास अंसारी की अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
अब एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है। सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने कहा है कि अब्बास अंसारी और उनकी पार्टी के एक अन्य विधायक जगदीश नारायण राय शुरू से ही समाजवादी पार्टी के साथ रहे हैं और ये दोनों विधायक सपा को वोट कर सकते हैं। हालांकि यह ओमप्रकाश राजभर का बयान है, इसलिए इसे उसी रूप में देखा जाना चाहिए।
यानी राज्यसभा चुनाव से पहले नंबरों का खेल काफी महत्वपूर्ण हो गया है। समाजवादी पार्टी के पास अपने दो उम्मीदवारों के लिए पर्याप्त समर्थन बताया जा रहा है, लेकिन तीसरी सीट के लिए अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी। ऐसे में दूसरे दलों के विधायकों का समर्थन और संभावित क्रॉस वोटिंग चुनावी गणित को प्रभावित कर सकती है।
अखिलेश यादव भी तीसरे उम्मीदवार को लेकर अभी अपना पत्ता पूरी तरह नहीं खोल रहे हैं। उन्होंने कहा है कि पहले नंबर पूरे किए जाएंगे और इस प्रक्रिया में समय लगता है। ऐसे में अब्बास अंसारी के साथ हुई मुलाकात को भी इसी मौजूदा राजनीतिक माहौल के बीच देखा जा रहा है।
हालांकि यह साफ कर देना जरूरी है कि अब्बास अंसारी की मुलाकात को सीधे तौर पर सपा के तीसरे उम्मीदवार के समर्थन से जोड़ने की कोई आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इसे एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुलाकात के तौर पर ही देखा जा रहा है।
राज्यसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, उत्तर प्रदेश में नेताओं की मुलाकातें और राजनीतिक बयान लगातार बढ़ रहे हैं। अब देखना होगा कि समाजवादी पार्टी तीसरे उम्मीदवार के लिए कितना समर्थन जुटा पाती है और चुनाव से पहले कौन-कौन से राजनीतिक समीकरण बदलते हैं।
अब्बास अंसारी की अखिलेश यादव से यह मुलाकात आने वाले दिनों में क्या राजनीतिक संकेत देती है, इस पर सबकी नजर बनी हुई है। तीसरे उम्मीदवार के नाम और समर्थन को लेकर तस्वीर साफ होने के बाद ही इस मुलाकात के राजनीतिक मायने पूरी तरह सामने आएंगे।